Class 8 History – Chapter: “जब जनता बगावत करती है : 1857 और उसके बाद” का पूरा भाग है।

Class 8 History – Chapter: “जब जनता बगावत करती है : 1857 और उसके बाद” का पूरा भाग है।



📘 कक्षा 8 इतिहास

अध्याय 5 – जब जनता बगावत करती है : 1857 और उसके बाद


🔰 प्रस्तावना

1857 की क्रांति भारत के इतिहास की सबसे बड़ी घटना थी। इसे

  • 1857 का विद्रोह

  • सिपाही विद्रोह

  • भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम

भी कहा जाता है।

इस विद्रोह ने अंग्रेजी शासन की नींव हिला दी।


⭐ नीतियाँ और लोग (ब्रिटिश शासन की नीतियाँ)

अंग्रेजों ने भारत में कई ऐसी नीतियाँ अपनाईं जिससे जनता असंतुष्ट हो गई।

1️⃣ विलय की नीति (Doctrine of Lapse)

परिभाषा:
जब किसी भारतीय राजा का कोई पुत्र नहीं होता था तो अंग्रेज उसके राज्य को अपने कब्जे में ले लेते थे।

📌 प्रभावित राज्य

  • झाँसी

  • नागपुर

  • सतारा

  • अवध

👉 इससे राजा-महाराजा नाराज़ हो गए।


2️⃣ नवाबों की स्थिति

  • अंग्रेजों ने कई नवाबों को हटाया।

  • उन्हें पेंशन पर रखा गया।

  • उनके राज्यों को कब्जे में ले लिया गया।

👉 इससे शासक वर्ग अंग्रेजों के खिलाफ हो गया।


3️⃣ किसानों और ज़मींदारों की परेशानी

अंग्रेजों ने भारी कर लगाए।

परिणाम:

  • किसान कर्ज में डूब गए

  • ज़मींदारों की जमीन छिन गई

  • व्यापारियों को नुकसान हुआ

👉 ग्रामीण जनता अंग्रेजों से नाराज़ हो गई।


4️⃣ कारीगर और सैनिकों की समस्या

  • अंग्रेजों ने भारतीय उद्योग खत्म किए।

  • भारतीय सैनिकों को कम वेतन मिलता था।

  • उच्च पद सिर्फ अंग्रेजों को मिलते थे।

👉 सेना में असंतोष फैल गया।


⭐ धार्मिक और सामाजिक कारण

लोगों को डर था कि अंग्रेज उनका धर्म बदल देंगे।

कारण:

  • मिशनरियों का प्रचार

  • सामाजिक सुधारों में हस्तक्षेप

  • धार्मिक परंपराओं की अनदेखी

👉 जनता में असुरक्षा की भावना बढ़ी।


⭐ विद्रोह की चिंगारी – कारतूस का विवाद

🔥 एनफील्ड रायफल

नई बंदूक के कारतूस में

  • गाय की चर्बी (हिंदुओं के लिए अपमान)

  • सूअर की चर्बी (मुसलमानों के लिए अपमान)

कारतूस को दाँत से काटना पड़ता था।

👉 इससे सैनिक भड़क उठे।


⭐ विद्रोह की शुरुआत

📍 मंगल पांडे (29 मार्च 1857)

  • बैरकपुर में अंग्रेज अधिकारी पर हमला।

  • उन्हें फाँसी दी गई।

👉 यही विद्रोह की शुरुआत बनी।


📍 मेरठ विद्रोह (10 मई 1857)

  • सैनिकों ने अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह किया।

  • दिल्ली की ओर बढ़े।


📍 बहादुर शाह ज़फर को सम्राट घोषित किया गया

दिल्ली पहुँचकर सैनिकों ने
👉 बहादुर शाह ज़फर को भारत का सम्राट घोषित कर दिया।


⭐ विद्रोह के प्रमुख केंद्र और नेता

स्थाननेता
दिल्लीबहादुर शाह ज़फर
कानपुरनाना साहेब
झाँसीरानी लक्ष्मीबाई
लखनऊबेगम हजरत महल
बिहारकुंवर सिंह

👑 रानी लक्ष्मीबाई

  • झाँसी की रानी

  • अंग्रेजों के खिलाफ वीरता से लड़ी

  • 1858 में वीरगति प्राप्त

👉 “मैं अपनी झाँसी नहीं दूंगी”


⚔️ कुंवर सिंह

  • बिहार के महान नेता

  • 80 वर्ष की उम्र में युद्ध लड़ा

  • अंग्रेजों को कड़ी टक्कर दी


⭐ विद्रोह क्यों असफल हुआ?

कारण

1️⃣ एकता की कमी
2️⃣ आधुनिक हथियारों की कमी
3️⃣ सभी क्षेत्रों में विद्रोह नहीं फैला
4️⃣ अंग्रेजों की बेहतर सेना
5️⃣ योजना और संगठन की कमी

👉 इसलिए अंग्रेज जीत गए।


⭐ विद्रोह के परिणाम

1️⃣ ईस्ट इंडिया कंपनी का अंत

1858 में अंग्रेज सरकार ने भारत का शासन अपने हाथ में लिया।

👉 कंपनी शासन समाप्त।


2️⃣ महारानी विक्टोरिया की घोषणा (1858)

घोषणाएँ:

  • धर्म में हस्तक्षेप नहीं होगा

  • भारतीय राजाओं के अधिकार सुरक्षित

  • भारतीयों के साथ न्याय


3️⃣ सेना में बदलाव

  • भारतीय सैनिकों की संख्या घटाई

  • अंग्रेज सैनिकों की संख्या बढ़ाई


4️⃣ “फूट डालो और राज करो”

अंग्रेजों ने हिन्दू-मुस्लिम में फूट डालना शुरू किया।


⭐ महत्वपूर्ण परिभाषाएँ

📖 1. सिपाही विद्रोह

भारतीय सैनिकों द्वारा अंग्रेजों के खिलाफ किया गया विद्रोह।

📖 2. विलय की नीति

राज्य को अंग्रेजों द्वारा जबरन कब्जे में लेना।

📖 3. क्रांति

शासन के खिलाफ जनता का बड़ा आंदोलन।

📖 4. प्रथम स्वतंत्रता संग्राम

1857 की क्रांति को कहा जाता है।


⭐ निष्कर्ष

1857 की क्रांति भले ही असफल रही, लेकिन
👉 इसने भारत में स्वतंत्रता की भावना जगाई।
👉 आगे चलकर आजादी की लड़ाई की नींव बनी।



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