मोहन का दुःख कहानी से Question - Answer By Prem Sir 9470710586
मौखिक प्रश्नोत्तर
(क) प्रस्तुत नाटक में मोहन कौन है?
→ मोहन इस नाटक का मुख्य पात्र है, जो सच्चाई, समानता और धार्मिक अंधविश्वास के खिलाफ आवाज उठाता है।
(ख) मोहन मंदिर क्यों नहीं जाना चाहता?
→ मोहन मंदिर नहीं जाना चाहता क्योंकि वहाँ गंदगी और छुआछूत जैसी बुरी बातें फैली हुई हैं।
(ग) बा रोज़ कहाँ और क्या लेकर जाती हैं?
→ बा रोज़ मंदिर जाती हैं और पूजा की थाली लेकर जाती हैं।
(घ) 'उका' कौन है?
→ उका मोहन का मित्र है, जो छुआछूत और परंपरा से बंधा हुआ है।
लिखित प्रश्नोत्तर
1(क) बा को मोहन की कौन-सी बातें पसंद नहीं?
→ बा को यह पसंद नहीं कि मोहन बार-बार मंदिर और पूजा की परंपराओं पर सवाल उठाता है और छुआछूत का विरोध करता है।
1(ख) उका किसे पाप समझता है?
→ उका दूसरे धर्म और जाति के लोगों को छूना पाप समझता है।
1(ग) बा ने उका की माँ को क्या कहा?
→ बा ने उका की माँ से कहा कि मोहन उनके साथ न खेले, क्योंकि यह धर्म और रीति-रिवाज के खिलाफ है।
1(घ) बा कैसे व्यक्तित्व की महिला है?
→ बा परंपरागत और धार्मिक विचारों वाली महिला है, जो पुरानी रूढ़ियों और अंधविश्वासों को सही मानती है।
1(ङ) मोहन को कौन-कौन सी बातें अनुचित लगती हैं?
→ मोहन को छुआछूत, जात-पात, मंदिर की गंदगी और अंधविश्वास अनुचित लगते हैं।
2. नीचे दिए गए प्रश्नों के सही उत्तर पर सही (√) का निशान लगाइए-
(क) मोहन 'बा' कहकर किसे संबोधित कर रहा है?
→ अपनी माँ को (√)
(ख) मंच पर उका और मोहन के पास क्या रखा है?
→ झाड़ू और पंजा (√)
(ग) मोहन उका को क्या मानता है?
→ अपना दोस्त (√)
(घ) उका को छू देने पर मोहन की माँ मोहन को क्या करने को कहती है?
→ नहाने को (√)
3. किसने, किससे कहा?
(क) “बा, तुम्हें मंदिर जाकर क्या मिलता है?"
→ मोहन ने बा से कहा।
(ख) “रुक क्यों गया रे? चल अंदर, दर्शन कर ले!"
→ बा ने मोहन से कहा।
(ग) “हम तुम्हारी प्रजा हैं। हमें छूना पाप है।"
→ उका ने मोहन से कहा।
(घ) “उका बहुत अच्छा है पर उसे देखकर मेरा मोहन पगला जाता है।"
→ बा ने उका की माँ से कहा।
4. गद्यांश आधारित प्रश्नोत्तर
गद्यांश: “यह तुमसे किसने कहा? वे नीच हैं जो प्यार को नहीं समझते। मैं बा से कह चुका हूँ। उका को छूने, उसके साथ खेलने में मैं पाप नहीं मानता। आदमी-आदमी को छूने में कैसा पाप?"
(क) मोहन के अनुसार नीच कौन हैं?
→ जो प्यार को नहीं समझते।
(ख) मोहन किसे पाप नहीं समझता?
→ उका को छूना और उसके साथ खेलना।
(ग) मोहन बा से क्या कह चुका था?
→ कि उका को छूने और उसके साथ खेलने में कोई पाप नहीं है।
1. नीचे दिए गए वाक्यों में क्रिया शब्द रेखांकित कीजिए–
(क) मैं पूजा की थाली गिरने नहीं देता।
(ख) मास्टर देखते हैं मन लगाकर काम किया या नहीं।
(ग) तुम कहोगी तो मैं चलूँगा।
(घ) कई बार बा तुम्हें बरजती है।
(ङ) बा मंदिर चलने को कहती है।
2. विस्मयादिबोधक शब्द भरिए–
(क) अरे! देखकर चलो।
(ख) उफ़! कितनी गर्मी है।
(ग) वाह! कितना मनोरम दृश्य है।
(घ) अरे! आप कब आए?
(ङ) ओह! कितनी बदबू है यहाँ।
3. विलोम शब्द लिखिए–
अंदर → बाहर
गिरना → उठना
पाप → पुण्य
अँधेरे → उजाले
छूत → अछूत / मिलन
गंदगी → सफ़ाई
गलत → सही
अभागा → भाग्यशाली
4. समान ध्वनि वाले शब्द (समोच्चारक) वाक्यों में प्रयोग–
(क)
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मुर्ख → मुर्ख व्यक्ति अपनी ही हानि करता है।
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हंस → तालाब में एक सुंदर हंस तैर रहा है।
(ख)
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गृह → यह मेरा गृह (घर) है।
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ग्रह → सूर्य के चारों ओर आठ ग्रह चक्कर लगाते हैं।
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