अध्याय – 2 : ऊतक (Tissues) 9th NCERT

अध्याय – 2 : ऊतक (Tissues)

1. ऊतक (Tissue)

परिभाषा

समान उत्पत्ति तथा समान कार्य करने वाली कोशिकाओं के समूह को ऊतक (टिशू) कहते हैं।

उदाहरण

  • मांसपेशी ऊतक

  • रक्त ऊतक

  • तंत्रिका ऊतक

  • जाइलम

  • फ्लोएम

विशेषताएँ

  • ऊतक समान प्रकार की कोशिकाओं से मिलकर बनते हैं।

  • सभी कोशिकाएँ मिलकर एक विशेष कार्य करती हैं।

  • ऊतक शरीर के कार्यों को सरल एवं व्यवस्थित बनाते हैं।


पादप ऊतक (Plant Tissue)

परिभाषा

पौधों में पाए जाने वाले ऊतकों को पादप ऊतक कहते हैं।

प्रकार

  1. विभज्योतकी ऊतक

  2. स्थायी ऊतक


2. विभज्योतकी ऊतक

परिभाषा

ऐसे ऊतक जिनकी कोशिकाएँ लगातार विभाजित होकर नई कोशिकाएँ बनाती रहती हैं, उन्हें विभज्योतकी ऊतक कहते हैं।

विशेषताएँ

  • कोशिकाएँ जीवित होती हैं।

  • कोशिकाएँ छोटी एवं गोलाकार होती हैं।

  • कोशिका भित्ति पतली होती है।

  • कोशिकाओं के बीच रिक्त स्थान नहीं होता।

  • रसधानी (वैक्यूल) नहीं होती।

  • केंद्रक बड़ा होता है।

  • लगातार विभाजन करती हैं।

कार्य

  • पौधे की वृद्धि करना।

  • नई कोशिकाओं का निर्माण करना।

  • लंबाई एवं मोटाई बढ़ाना।

उदाहरण

  • जड़ का अग्रभाग

  • तने का अग्रभाग

  • कैम्बियम


विभज्योतकी ऊतक के प्रकार

(क) शीर्षस्थ विभज्योतक

परिभाषा

जो विभज्योतकी ऊतक जड़ और तने के शीर्ष पर पाया जाता है, उसे शीर्षस्थ विभज्योतक कहते हैं।

स्थान

  • जड़ का शीर्ष

  • तने का शीर्ष

कार्य

  • पौधे की लंबाई बढ़ाना।

  • प्राथमिक वृद्धि कराना।

उदाहरण

  • जड़ का अग्रभाग

  • तने की शीर्ष कली


(ख) पार्श्वीय विभज्योतक

परिभाषा

जो विभज्योतकी ऊतक जड़ एवं तने के किनारों पर पाया जाता है, उसे पार्श्वीय विभज्योतक कहते हैं।

स्थान

  • जड़ के किनारे

  • तने के किनारे

कार्य

  • पौधे की मोटाई बढ़ाना।

  • द्वितीयक वृद्धि कराना।

उदाहरण

  • कैम्बियम


(ग) अंतर्वेशी विभज्योतक

परिभाषा

जो विभज्योतकी ऊतक पर्व (गाँठ) तथा पर्वसंधि के बीच पाया जाता है, उसे अंतर्वेशी विभज्योतक कहते हैं।

स्थान

  • पर्व

  • पर्वसंधि

कार्य

  • पौधे की लंबाई बढ़ाना।

  • कटने के बाद पुनः वृद्धि करना।

उदाहरण

  • घास

  • गेहूँ

  • गन्ना


3. स्थायी ऊतक

परिभाषा

जब विभज्योतकी कोशिकाएँ विभाजन करना बंद कर देती हैं और एक निश्चित कार्य करने लगती हैं, तब बनने वाले ऊतक को स्थायी ऊतक कहते हैं।

विशेषताएँ

  • कोशिकाएँ बड़ी होती हैं।

  • विभाजन नहीं करतीं।

  • रसधानी बड़ी होती है।

  • विशेष कार्य करती हैं।

उदाहरण

  • मृदूतक

  • स्थूलकोण ऊतक

  • दृढ़ ऊतक


स्थायी ऊतक के प्रकार

(क) सरल स्थायी ऊतक

परिभाषा

जो स्थायी ऊतक केवल एक ही प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं, उन्हें सरल स्थायी ऊतक कहते हैं।

प्रकार

  1. मृदूतक

  2. स्थूलकोण ऊतक

  3. दृढ़ ऊतक


1. मृदूतक

परिभाषा

पतली कोशिका भित्ति वाली जीवित कोशिकाओं से बने ऊतक को मृदूतक कहते हैं।

विशेषताएँ

  • कोशिकाएँ जीवित होती हैं।

  • कोशिका भित्ति पतली होती है।

  • अंतरकोशिकीय स्थान अधिक होता है।

  • रसधानी बड़ी होती है।

कार्य

  • भोजन का संग्रह करना।

  • जल का संग्रह करना।

  • प्रकाश संश्लेषण करना।

  • गैसों का आदान-प्रदान करना।

उदाहरण

  • जड़

  • तना

  • पत्तियाँ

  • फल


हरित मृदूतक

परिभाषा

जिस मृदूतक में हरितलवक (क्लोरोफिल) पाया जाता है, उसे हरित मृदूतक कहते हैं।

कार्य

  • प्रकाश संश्लेषण द्वारा भोजन बनाना।

उदाहरण

  • हरी पत्तियाँ

  • हरा तना


ऐरेंकाइमा

परिभाषा

जिस मृदूतक में वायु से भरे बड़े रिक्त स्थान पाए जाते हैं, उसे ऐरेंकाइमा कहते हैं।

कार्य

  • जलीय पौधों को तैरने में सहायता करना।

  • गैसों का आदान-प्रदान करना।

उदाहरण

  • कमल

  • जलकुंभी

  • हाइड्रिला


2. स्थूलकोण ऊतक

परिभाषा

जीवित कोशिकाओं से बना वह ऊतक जिसकी कोशिका भित्ति कोनों पर मोटी होती है, उसे स्थूलकोण ऊतक कहते हैं।

विशेषताएँ

  • कोशिकाएँ जीवित होती हैं।

  • कोशिका भित्ति कोनों पर मोटी होती है।

  • अंतरकोशिकीय स्थान बहुत कम होता है।

कार्य

  • पौधे को यांत्रिक सहारा देना।

  • लचीलापन प्रदान करना।

उदाहरण

  • पत्ती का डंठल

  • युवा तना


3. दृढ़ ऊतक

परिभाषा

मृत कोशिकाओं तथा मोटी लिग्निनयुक्त कोशिका भित्ति से बने ऊतक को दृढ़ ऊतक कहते हैं।

विशेषताएँ

  • कोशिकाएँ मृत होती हैं।

  • कोशिका भित्ति बहुत मोटी होती है।

  • लिग्निन पाया जाता है।

कार्य

  • पौधे को मजबूती देना।

  • कठोरता प्रदान करना।

  • सुरक्षा करना।

उदाहरण

  • नारियल का रेशा

  • अखरोट का कठोर छिलका

  • बीज का कठोर आवरण


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