कक्षा 8 विज्ञान अध्याय 4 — दहन और ज्वाला

 

कक्षा 8 विज्ञान

अध्याय 4 — दहन और ज्वाला


1. दहन

परिभाषा:

किसी पदार्थ का ऑक्सीजन की उपस्थिति में जलकर ऊष्मा तथा प्रकाश उत्पन्न करना दहन कहलाता है।

उदाहरण:

  • लकड़ी का जलना
  • कोयले का जलना
  • मोमबत्ती का जलना
  • गैस का जलना
  • पेट्रोल का जलना

महत्वपूर्ण बात:

दहन के समय सामान्यतः ऊष्मा और प्रकाश उत्पन्न होते हैं।


2. दाह्य पदार्थ

परिभाषा:

जो पदार्थ ऑक्सीजन की उपस्थिति में जल सकते हैं, उन्हें दाह्य पदार्थ कहते हैं।

उदाहरण:

  • लकड़ी
  • कागज
  • कोयला
  • कपड़ा
  • मोम
  • पेट्रोल
  • मिट्टी का तेल

3. अदाह्य पदार्थ

परिभाषा:

जो पदार्थ सामान्य परिस्थितियों में जलते नहीं हैं, उन्हें अदाह्य पदार्थ कहते हैं।

उदाहरण:

  • पत्थर
  • काँच
  • मिट्टी
  • लोहे की कील
  • बालू

4. दहन के लिए आवश्यक शर्तें

परिभाषा:

किसी पदार्थ के दहन के लिए कुछ आवश्यक परिस्थितियाँ होती हैं। मुख्य रूप से दाह्य पदार्थ, ऑक्सीजन और पर्याप्त ऊष्मा आवश्यक हैं।

आवश्यक शर्तें:

1. दाह्य पदार्थ — जलने वाला पदार्थ होना चाहिए।
2. ऑक्सीजन — दहन के लिए वायु की ऑक्सीजन आवश्यक है।
3. पर्याप्त ऊष्मा — पदार्थ का ताप उसके ज्वलन-ताप तक पहुँचना चाहिए।

उदाहरण:

मोमबत्ती जलने के लिए मोम, वायु की ऑक्सीजन और पर्याप्त ऊष्मा आवश्यक है।


5. ज्वलन-ताप

परिभाषा:

वह न्यूनतम तापमान जिस पर कोई पदार्थ आग पकड़कर जलने लगता है, उस पदार्थ का ज्वलन-ताप कहलाता है।

उदाहरण:

माचिस की तीली को माचिस की डिब्बी पर रगड़ने से घर्षण के कारण ऊष्मा उत्पन्न होती है। तीली का ताप उसके ज्वलन-ताप तक पहुँच जाता है और तीली जलने लगती है।

महत्वपूर्ण बात:

अलग-अलग पदार्थों का ज्वलन-ताप अलग-अलग होता है।


6. ज्वलनशील पदार्थ

परिभाषा:

जिन पदार्थों का ज्वलन-ताप बहुत कम होता है और जो आसानी से आग पकड़ लेते हैं, उन्हें ज्वलनशील पदार्थ कहते हैं।

उदाहरण:

  • पेट्रोल
  • डीजल
  • मिट्टी का तेल
  • एलपीजी
  • अल्कोहल

सावधानी:

इन पदार्थों को आग और ऊष्मा के स्रोत से दूर रखना चाहिए।


7. ईंधन

परिभाषा:

जो पदार्थ जलकर उपयोगी मात्रा में ऊष्मा प्रदान करते हैं, उन्हें ईंधन कहते हैं।

उदाहरण:

  • लकड़ी
  • कोयला
  • पेट्रोल
  • डीजल
  • मिट्टी का तेल
  • एलपीजी
  • प्राकृतिक गैस

8. ईंधन के प्रकार

ईंधन मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं।

(क) ठोस ईंधन

परिभाषा:

जो ईंधन ठोस अवस्था में पाए जाते हैं, उन्हें ठोस ईंधन कहते हैं।

उदाहरण:

  • लकड़ी
  • कोयला
  • कोक

(ख) द्रव ईंधन

परिभाषा:

जो ईंधन द्रव अवस्था में पाए जाते हैं, उन्हें द्रव ईंधन कहते हैं।

उदाहरण:

  • पेट्रोल
  • डीजल
  • मिट्टी का तेल

(ग) गैसीय ईंधन

परिभाषा:

जो ईंधन गैसीय अवस्था में पाए जाते हैं, उन्हें गैसीय ईंधन कहते हैं।

उदाहरण:

  • एलपीजी
  • सीएनजी
  • प्राकृतिक गैस

9. तीव्र दहन

परिभाषा:

जिस दहन में कोई पदार्थ बहुत तेजी से जलता है और शीघ्र ही ऊष्मा तथा प्रकाश उत्पन्न करता है, उसे तीव्र दहन कहते हैं।

उदाहरण:

  • गैस चूल्हे की लौ
  • माचिस की तीली का जलना
  • एलपीजी का जलना

10. स्वतः दहन

परिभाषा:

जब कोई पदार्थ बिना किसी बाहरी ज्वाला या स्पष्ट बाहरी कारण के स्वयं आग पकड़ लेता है, तो इसे स्वतः दहन कहते हैं।

उदाहरण:

  • कोयले की खानों में कोयले की धूल का स्वतः जलना।
  • कुछ परिस्थितियों में सूखी घास का स्वयं आग पकड़ लेना।

कारण:

कुछ पदार्थों में धीरे-धीरे ऊष्मा जमा होती रहती है। ताप बढ़ने पर वे स्वयं आग पकड़ सकते हैं।


11. विस्फोट

परिभाषा:

जब कोई पदार्थ बहुत तेजी से जलता है और अचानक बड़ी मात्रा में ऊष्मा, प्रकाश, गैस तथा ध्वनि उत्पन्न होती है, तो इस प्रकार के दहन को विस्फोट कहते हैं।

उदाहरण:

  • पटाखों का फटना
  • बारूद का फटना
  • कुछ विस्फोटक पदार्थों का फटना

12. ज्वाला

परिभाषा:

जलते हुए पदार्थ के प्रकाश देने वाले गैसीय भाग को ज्वाला कहते हैं।

उदाहरण:

  • मोमबत्ती की ज्वाला
  • गैस चूल्हे की ज्वाला
  • मिट्टी के तेल के दीपक की ज्वाला

महत्वपूर्ण बात:

सभी पदार्थ ज्वाला के साथ नहीं जलते।


13. ज्वाला वाले पदार्थ

परिभाषा:

वे पदार्थ जो जलने पर अपने वाष्प या गैसीय पदार्थ के दहन के कारण ज्वाला उत्पन्न करते हैं, ज्वाला वाले पदार्थ कहलाते हैं।

उदाहरण:

  • मोम
  • मिट्टी का तेल
  • पेट्रोल
  • एलपीजी
  • प्राकृतिक गैस

14. बिना ज्वाला के जलने वाले पदार्थ

परिभाषा:

कुछ पदार्थ जलते समय स्पष्ट ज्वाला उत्पन्न नहीं करते। ऐसे पदार्थ बिना ज्वाला के जल सकते हैं।

उदाहरण:

  • कोयला
  • लकड़ी का कोयला

15. मोमबत्ती कैसे जलती है?

परिभाषा:

मोमबत्ती की बत्ती जलाने पर उसकी ऊष्मा से मोम पिघलता है। पिघला हुआ मोम बत्ती में ऊपर जाता है और ऊष्मा के कारण मोम की वाष्प बनती है। यह वाष्प वायु की ऑक्सीजन के साथ दहन करती है और ज्वाला उत्पन्न होती है।

उदाहरण:

मोमबत्ती जलने पर पहले मोम पिघलता है, फिर मोम की वाष्प जलती है और ज्वाला दिखाई देती है।

क्रम:

मोम → पिघला हुआ मोम → मोम की वाष्प → दहन → ज्वाला


16. ज्वाला के क्षेत्र

परिभाषा:

मोमबत्ती की ज्वाला को उसके ताप और दहन की प्रकृति के आधार पर तीन अलग-अलग क्षेत्रों में बाँटा जाता है।

  1. बाहरी क्षेत्र
  2. मध्य क्षेत्र
  3. भीतरी क्षेत्र

17. ज्वाला का बाहरी क्षेत्र

परिभाषा:

ज्वाला का सबसे बाहर वाला क्षेत्र, जहाँ ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में होती है और पूर्ण दहन होता है, बाहरी क्षेत्र कहलाता है।

विशेषताएँ:

  • यहाँ पूर्ण दहन होता है।
  • यह ज्वाला का सबसे गर्म भाग है।
  • यहाँ ताप सबसे अधिक होता है।
  • इसका रंग सामान्यतः नीला दिखाई दे सकता है।

उदाहरण:

धातु को गर्म करने के लिए ज्वाला के बाहरी गर्म भाग का उपयोग किया जाता है।


18. ज्वाला का मध्य क्षेत्र

परिभाषा:

ज्वाला का बीच वाला क्षेत्र, जहाँ ऑक्सीजन की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है और अपूर्ण दहन होता है, मध्य क्षेत्र कहलाता है।

विशेषताएँ:

  • यह पीला दिखाई देता है।
  • यहाँ गर्म कार्बन कण पाए जाते हैं।
  • यहाँ कालिख बन सकती है।
  • यह बाहरी क्षेत्र से कम गर्म होता है।

उदाहरण:

मोमबत्ती की पीली चमकीली ज्वाला मध्य क्षेत्र का उदाहरण है।


19. ज्वाला का भीतरी क्षेत्र

परिभाषा:

ज्वाला का सबसे अंदर वाला क्षेत्र, जहाँ ऑक्सीजन बहुत कम होती है और दहन बहुत कम होता है, भीतरी क्षेत्र कहलाता है।

विशेषताएँ:

  • यह सबसे कम गर्म भाग है।
  • इसमें बिना जले मोम की वाष्प तथा अन्य पदार्थ पाए जाते हैं।
  • यहाँ दहन बहुत कम होता है।

उदाहरण:

मोमबत्ती की ज्वाला के बत्ती के आसपास का अंदरूनी अंधकारमय भाग।


20. ज्वाला का सबसे गर्म भाग

परिभाषा:

ज्वाला का बाहरी क्षेत्र सबसे गर्म होता है, क्योंकि वहाँ ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होती है और पूर्ण दहन होता है।

उदाहरण:

धातु को गर्म करने के लिए ज्वाला के बाहरी भाग का प्रयोग किया जाता है।


21. पूर्ण दहन

परिभाषा:

जब किसी पदार्थ का दहन पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की उपस्थिति में पूरी तरह होता है, तो उसे पूर्ण दहन कहते हैं।

उदाहरण:

पर्याप्त वायु मिलने पर गैस का साफ और अच्छी तरह जलना।


22. अपूर्ण दहन

परिभाषा:

जब किसी पदार्थ को जलने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो उसका दहन अपूर्ण होता है।

उदाहरण:

लकड़ी या कोयले के कम वायु में जलने पर कालिख और विषैली गैस बन सकती है।


23. कार्बन मोनोऑक्साइड

परिभाषा:

ईंधन के अपूर्ण दहन से बनने वाली विषैली गैस को कार्बन मोनोऑक्साइड कहते हैं।

उदाहरण:

बंद कमरे में कोयला या अन्य ईंधन जलाने पर ऑक्सीजन की कमी के कारण कार्बन मोनोऑक्साइड बन सकती है।

महत्वपूर्ण:

यह गैस स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है।


24. आग बुझाने के तरीके

परिभाषा:

आग को बुझाने के लिए दहन की आवश्यक तीन शर्तों में से किसी एक को समाप्त करना आवश्यक होता है।

मुख्य तरीके:

(1) ताप कम करना

पानी डालकर आग का ताप कम किया जाता है।

उदाहरण: लकड़ी और कागज की आग पर पानी डालना।

(2) ऑक्सीजन की आपूर्ति रोकना

आग को ढककर वायु की आपूर्ति रोकी जाती है।

उदाहरण: छोटी आग को कंबल या रेत से ढकना।

(3) ईंधन हटाना

जलने वाले पदार्थ की आपूर्ति बंद कर दी जाती है।

उदाहरण: गैस की आग लगने पर गैस की आपूर्ति बंद करना।


25. विद्युत उपकरणों में लगी आग

परिभाषा:

विद्युत उपकरणों में लगी आग को बुझाने के लिए ऐसी विधि अपनाई जाती है जिससे बिजली का झटका लगने का खतरा न हो।

उदाहरण:

विद्युत उपकरण में आग लगने पर पानी नहीं डालना चाहिए। उचित अग्निशामक का प्रयोग किया जाता है।

कारण:

पानी विद्युत का चालक हो सकता है और इससे करंट लगने का खतरा रहता है।


26. तेल की आग

परिभाषा:

पेट्रोल, डीजल या तेल में लगी आग को पानी से बुझाना उचित नहीं है, क्योंकि पानी तेल के नीचे चला जाता है और जलता हुआ तेल ऊपर फैल सकता है।

उदाहरण:

रसोई में तेल की आग लगने पर उसे ढक्कन या उपयुक्त अग्निशामक से बुझाना चाहिए।


27. अग्निशामक

परिभाषा:

आग को नियंत्रित या बुझाने के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरण को अग्निशामक कहते हैं।

उदाहरण:

अग्निशामक यंत्र का उपयोग विद्यालय, कार्यालय, कारखाने और अन्य भवनों में आग बुझाने के लिए किया जाता है।


28. कार्बन डाइऑक्साइड द्वारा आग बुझाना

परिभाषा:

कार्बन डाइऑक्साइड दहन में सहायता नहीं करती और आग के आसपास ऑक्सीजन की उपलब्धता कम कर सकती है, इसलिए इसका उपयोग कुछ प्रकार की आग बुझाने में किया जाता है।

उदाहरण:

विद्युत उपकरणों में लगी आग को बुझाने के लिए कार्बन डाइऑक्साइड वाले अग्निशामक का उपयोग किया जाता है।


29. आदर्श ईंधन

परिभाषा:

जो ईंधन सस्ता हो, आसानी से उपलब्ध हो, आसानी से जले, अधिक ऊष्मा दे और कम प्रदूषण उत्पन्न करे, उसे आदर्श ईंधन कहते हैं।

उदाहरण:

एलपीजी को घरेलू उपयोग के लिए अपेक्षाकृत अच्छा ईंधन माना जाता है।


30. आदर्श ईंधन के गुण

परिभाषा:

एक अच्छे या आदर्श ईंधन में अनेक उपयोगी गुण होने चाहिए।

मुख्य गुण:

  1. वह आसानी से उपलब्ध हो।
  2. वह सस्ता हो।
  3. वह आसानी से जलता हो।
  4. उसका ऊष्मीय मान अधिक हो।
  5. वह अधिक धुआँ न दे।
  6. वह कम प्रदूषण करे।
  7. उसे आसानी से संग्रहित किया जा सके।
  8. उसका परिवहन आसान हो।
  9. वह सुरक्षित हो।
  10. जलने के बाद बहुत अधिक अवशेष न छोड़े।

उदाहरण:

घरेलू उपयोग में एलपीजी एक उपयोगी ईंधन है।


31. ऊष्मीय मान

परिभाषा:

एक किलोग्राम ईंधन के पूर्ण दहन से प्राप्त ऊष्मा की मात्रा को उस ईंधन का ऊष्मीय मान कहते हैं।

इकाई:

किलोजूल प्रति किलोग्राम

उदाहरण:

जिस ईंधन का ऊष्मीय मान अधिक होता है, वह समान मात्रा में अधिक ऊष्मा प्रदान करता है।


32. ईंधन दक्षता

परिभाषा:

किसी ईंधन से प्राप्त होने वाली उपयोगी ऊष्मा की मात्रा और उसके प्रभावी उपयोग की क्षमता को ईंधन की दक्षता से समझा जाता है।

उदाहरण:

ऐसा ईंधन जो कम मात्रा में जलकर अधिक उपयोगी ऊष्मा दे, अधिक उपयोगी माना जाता है।


33. ईंधन के दहन से वायु प्रदूषण

परिभाषा:

ईंधन के जलने से वायु में धुआँ, कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड तथा अन्य हानिकारक पदार्थ मिल सकते हैं। इससे वायु प्रदूषण होता है।

उदाहरण:

कोयला, पेट्रोल और डीजल के अधिक दहन से वायु प्रदूषण बढ़ सकता है।


34. वैश्विक तापन

परिभाषा:

वायुमंडल में कुछ गैसों की मात्रा बढ़ने के कारण पृथ्वी के औसत तापमान में होने वाली वृद्धि को वैश्विक तापन कहते हैं।

उदाहरण:

कोयला, पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधनों के अधिक दहन से कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ सकती है, जो वैश्विक तापन में योगदान करती है।


35. अम्ल वर्षा

परिभाषा:

वायु में उपस्थित कुछ प्रदूषक गैसें जलवाष्प के साथ अभिक्रिया करके अम्लीय पदार्थ बनाती हैं। ऐसे अम्लीय पदार्थों वाली वर्षा को अम्ल वर्षा कहते हैं।

उदाहरण:

कोयला और पेट्रोलियम ईंधनों के दहन से निकलने वाले कुछ गैसीय प्रदूषक अम्ल वर्षा का कारण बन सकते हैं।

हानि:

  • पेड़-पौधों को नुकसान
  • फसलों को नुकसान
  • मिट्टी को नुकसान
  • जल स्रोतों को नुकसान
  • इमारतों और स्मारकों को नुकसान

36. जंगल की आग

परिभाषा:

जंगल के बड़े क्षेत्र में सूखी घास, पत्तियों और पेड़ों के कारण फैलने वाली आग को जंगल की आग कहते हैं।

उदाहरण:

गर्मियों में अत्यधिक गर्मी और सूखी घास के कारण जंगल में आग लग सकती है।

हानि:

  • वन नष्ट होते हैं।
  • वन्यजीवों को नुकसान होता है।
  • वायु प्रदूषण बढ़ता है।
  • पर्यावरण को नुकसान होता है।

37. माचिस की तीली कैसे जलती है?

परिभाषा:

माचिस की तीली को खुरदरी सतह पर रगड़ने से घर्षण के कारण ऊष्मा उत्पन्न होती है। इससे तीली का ताप उसके ज्वलन-ताप तक पहुँच जाता है और तीली जलने लगती है।

उदाहरण:

माचिस की डिब्बी की खुरदरी सतह पर तीली रगड़ने पर वह जल उठती है।


38. कागज का कप क्यों नहीं जलता?

परिभाषा:

जब कागज के कप में पानी भरा हो और उसे गर्म किया जाए, तो दी गई ऊष्मा का अधिकांश भाग पानी को गर्म करने में चला जाता है। इसलिए कागज का ताप उसके ज्वलन-ताप तक आसानी से नहीं पहुँचता।

उदाहरण:

पानी से भरे कागज के कप को सावधानीपूर्वक गर्म करने पर कप तुरंत नहीं जलता।


39. पानी से हर आग क्यों नहीं बुझाई जा सकती?

परिभाषा:

हर प्रकार की आग पर पानी डालना सुरक्षित नहीं होता। कुछ आग में पानी आग को फैलाने या विद्युत दुर्घटना का कारण बन सकता है।

उदाहरण:

  • विद्युत उपकरण की आग → पानी नहीं डालना चाहिए।
  • तेल की आग → पानी नहीं डालना चाहिए।
  • लकड़ी और कागज की आग → पानी उपयोगी हो सकता है।

⭐ 40. दहन के मुख्य प्रकार — परीक्षा के लिए

परिभाषा:

दहन को उसकी गति और प्रकृति के आधार पर अलग-अलग प्रकारों में बाँटा जाता है।

प्रकार:

  1. तीव्र दहन
  2. स्वतः दहन
  3. विस्फोट

उदाहरण:

  • गैस चूल्हा → तीव्र दहन
  • कोयले की खान में स्वयं आग → स्वतः दहन
  • पटाखा → विस्फोट

⭐ 41. सबसे महत्वपूर्ण एक-पंक्ति तथ्य

  1. दहन के लिए ऑक्सीजन आवश्यक है।
  2. ज्वलन-ताप पदार्थ का आग पकड़ने का न्यूनतम तापमान है।
  3. ज्वाला का बाहरी भाग सबसे अधिक गर्म होता है।
  4. मध्य भाग में अपूर्ण दहन होता है।
  5. भीतरी भाग सबसे कम गर्म होता है।
  6. ईंधन जलकर ऊष्मा प्रदान करता है।
  7. ऊष्मीय मान की इकाई किलोजूल प्रति किलोग्राम है।
  8. अपूर्ण दहन से कार्बन मोनोऑक्साइड बन सकती है।
  9. कार्बन मोनोऑक्साइड विषैली गैस है।
  10. आग बुझाने के लिए दहन की किसी एक आवश्यक शर्त को हटाना होता है।
  11. विद्युत आग पर पानी नहीं डालना चाहिए।
  12. तेल की आग पर पानी नहीं डालना चाहिए।
  13. पेट्रोल और एलपीजी ज्वलनशील पदार्थ हैं।
  14. लकड़ी और कोयला ठोस ईंधन हैं।
  15. पेट्रोल और डीजल द्रव ईंधन हैं।
  16. एलपीजी और प्राकृतिक गैस गैसीय ईंधन हैं।
  17. पूर्ण दहन के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन आवश्यक है।
  18. कार्बन डाइऑक्साइड दहन में सहायता नहीं करती।
  19. आदर्श ईंधन अधिक ऊष्मा और कम प्रदूषण देने वाला होना चाहिए।
  20. ईंधन के अत्यधिक दहन से वायु प्रदूषण बढ़ सकता है।

🔥 पूरा अध्याय एक नजर में

दाह्य पदार्थ → जो जल सकते हैं
दहन → जलने की प्रक्रिया
ईंधन → जलकर उपयोगी ऊष्मा देने वाला पदार्थ
ज्वलन-ताप → आग पकड़ने का न्यूनतम तापमान
ज्वलनशील पदार्थ → आसानी से आग पकड़ने वाले पदार्थ
ज्वाला → जलते पदार्थ का प्रकाशमान गैसीय भाग
तीव्र दहन → बहुत तेजी से होने वाला दहन
स्वतः दहन → अपने-आप आग पकड़ना
विस्फोट → बहुत तेजी से होने वाला दहन
बाहरी ज्वाला → सबसे गर्म
मध्य ज्वाला → पीली और अपूर्ण दहन वाली
भीतरी ज्वाला → सबसे कम गर्म
आग बुझाना → ऑक्सीजन/ताप/ईंधन में से किसी एक को हटाना
आदर्श ईंधन → सस्ता + अधिक ऊष्मा + कम प्रदूषण
ऊष्मीय मान → 1 किग्रा ईंधन के पूर्ण दहन से प्राप्त ऊष्मा
इकाई → किलोजूल प्रति किलोग्राम

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