कक्षा 9 विज्ञान — अध्याय: ऊतक भाग 1 — वस्तुनिष्ठ प्रश्न एवं उत्तर


कक्षा 9 विज्ञान — अध्याय: ऊतक

STUDY KUNJI EDUCATION & LEARNING CENTER

निर्देशक एवं शिक्षक: प्रेम सर (M.A.)

स्थान: सिमरी बख्तियारपुर, सहरसा, बिहार

संपर्क नंबर: 9470710586

अध्याय की तैयारी में शामिल सामग्री

  • वस्तुनिष्ठ प्रश्न एवं उत्तर

  • रिक्त स्थानों की पूर्ति

  • अति लघु उत्तरीय प्रश्न

  • लघु उत्तरीय प्रश्न

  • दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

  • परीक्षा के लिए महत्त्वपूर्ण परिभाषाएँ एवं उदाहरण

भाग 1 — वस्तुनिष्ठ प्रश्न एवं उत्तर

पुस्तक के प्रश्न 1 से 26

प्रश्न 1. पौधे की लंबाई किस ऊतक द्वारा बढ़ती है?

(क) पार्श्व विभज्योतक (ख) शीर्षस्थ विभज्योतक (ग) अंतर्वेशी विभज्योतक (घ) मृत ऊतक

उत्तर: (ख) शीर्षस्थ विभज्योतक।

प्रश्न 2. मृत ऊतक एक प्रकार का कौन-सा ऊतक है?

(क) सरल ऊतक (ख) जटिल ऊतक (ग) विभज्योतक (घ) इनमें कोई नहीं

उत्तर: (क) सरल ऊतक।

प्रश्न 3. जीवित कोशिकाएँ पाई जाती हैं—

(क) मृत ऊतक और दृढ़ ऊतक में (ख) दृढ़ ऊतक और स्थूलकोण ऊतक में (ग) मृत ऊतक और स्थूलकोण ऊतक में (घ) मृत ऊतक, दृढ़ ऊतक और स्थूलकोण ऊतक में

उत्तर: (ख) दृढ़ ऊतक और स्थूलकोण ऊतक में।

प्रश्न 4. विभाजन की क्षमता होती है—

(क) विभज्योतक कोशिकाओं में (ख) स्थायी कोशिकाओं में (ग) सभी कोशिकाओं में (घ) इनमें सभी में

उत्तर: (क) विभज्योतक कोशिकाओं में।

प्रश्न 5. किन कोशिकाओं की भित्ति लिग्निन के कारण मोटी हो जाती है?

(क) मृत ऊतक (ख) स्थूलकोण ऊतक (ग) दृढ़ ऊतक (घ) विभज्योतक

उत्तर: (ग) दृढ़ ऊतक।

प्रश्न 6. गैसों का विनिमय किसके द्वारा संपन्न होता है?

(क) क्यूटिन द्वारा (ख) स्टोमाटा द्वारा (ग) संवहन ऊतक द्वारा (घ) जटिल ऊतक द्वारा

उत्तर: (ख) स्टोमाटा द्वारा।

प्रश्न 7. सुबेरिन नामक कार्बनिक पदार्थ जमा रहता है—

(क) मृत ऊतक में (ख) स्थूलकोण ऊतक में (ग) दृढ़ ऊतक में (घ) कॉर्क कोशिकाओं में

उत्तर: (घ) कॉर्क कोशिकाओं में।

प्रश्न 8. जटिल ऊतक बना होता है—

(क) मृत ऊतक का (ख) स्थूलकोण ऊतक का (ग) भिन्न-भिन्न कार्य करने वाली विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं का (घ) समान कार्य करने वाली एक ही प्रकार की कोशिकाओं का

उत्तर: (ग) भिन्न-भिन्न कार्य करने वाली विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं का।

प्रश्न 9. किसके द्वारा मिट्टी से जल और खनिज लवण पत्तियों तक पहुँचाए जाते हैं?

(क) जाइलम (ख) फ्लोएम (ग) जाइलम और फ्लोएम (घ) इनमें कोई नहीं

उत्तर: (क) जाइलम।

प्रश्न 10. चालनी नलिका बनाने में भाग लेता है—

(क) दृढ़ ऊतक (ख) स्थूलकोण ऊतक (ग) जाइलम (घ) फ्लोएम

उत्तर: (घ) फ्लोएम।

प्रश्न 11. सहकोशिकाएँ पाई जाती हैं—

(क) फ्लोएम में (ख) जाइलम में (ग) मृत ऊतक में (घ) दृढ़ ऊतक में

उत्तर: (क) फ्लोएम में।

प्रश्न 12. कॉर्क का निर्माण होता है—

(क) कैम्बियम में (ख) कॉर्क कैम्बियम में (ग) जाइलम में (घ) स्थूलकोण ऊतक में

उत्तर: (ख) कॉर्क कैम्बियम में।

प्रश्न 13. पौधों में क्लोरोफिल का कार्य होता है—

(क) जल का संचयन (ख) भोजन का निर्माण (ग) आधार प्रदान करना (घ) प्रकाश-संश्लेषण

उत्तर: (घ) प्रकाश-संश्लेषण। क्लोरोफिल प्रकाश-संश्लेषण में सहायता करता है।

प्रश्न 14. जाइलम या फ्लोएम पैरेंकाइमा का प्रमुख कार्य है—

(क) उत्सर्जन (ख) भोजन का संचयन (ग) सुरक्षा (घ) इनमें कोई नहीं

उत्तर: (ख) भोजन का संचयन।

प्रश्न 15. एपिडर्मिस या बाह्यत्वचा पाई जाती है—

(क) कोशिका के अंदर (ख) तने की सतह पर (ग) वृक्ष के मध्य में (घ) केवल जड़ में

उत्तर: (ख) तने की सतह पर। यह पौधे के विभिन्न अंगों की बाहरी सतह पर भी पाई जाती है।

प्रश्न 16. अस्थि है—

(क) एपिथीलियमी ऊतक (ख) संयोजी ऊतक (ग) पेशी ऊतक (घ) तंत्रिका ऊतक

उत्तर: (ख) संयोजी ऊतक।

प्रश्न 17. फाइब्रोब्लास्ट कोशिकाएँ पाई जाती हैं—

(क) एपिथीलियमी ऊतक में (ख) तंत्रिका ऊतक में (ग) एरिओलर ऊतक में (घ) पेशी ऊतक में

उत्तर: (ग) एरिओलर ऊतक में।

प्रश्न 18. ऑस्टियोब्लास्ट कोशिकाएँ पाई जाती हैं—

(क) उपास्थि में (ख) अस्थि में (ग) एडीपोज ऊतक में (घ) एपिथीलियम में

उत्तर: (ख) अस्थि में।

प्रश्न 19. निम्नलिखित में किस प्रकार के ऊतक के अधिक मात्रा में एकत्र होने से शरीर मोटा हो जाता है?

(क) एडिपोज ऊतक (ख) पीला तंतुमय ऊतक (ग) श्वेत तंतुमय ऊतक (घ) जालवत संयोजी ऊतक

उत्तर: (क) एडिपोज ऊतक।

प्रश्न 20. लिगामेंट का निर्माण करता है—

(क) एपिथीलियमी ऊतक (ख) पीला तंतुमय ऊतक (ग) श्वेत तंतुमय ऊतक (घ) जालवत संयोजी ऊतक

उत्तर: (ख) पीला तंतुमय ऊतक।

प्रश्न 21. अरैखित पेशी है—

(क) अनैच्छिक (ख) ऐच्छिक (ग) इनमें ‘क’ एवं ‘ख’ दोनों (घ) इनमें कोई नहीं

उत्तर: (क) अनैच्छिक पेशी।

प्रश्न 22. मांसपेशी तथा अस्थियों को जोड़ती है—

(क) उपास्थि (ख) लिगामेंट (ग) एपिथीलियम (घ) टेंडन

उत्तर: (घ) टेंडन।

प्रश्न 23. रक्त प्लाज्मा में जल का प्रतिशत है—

(क) 55 (ख) 45 (ग) 90 (घ) 10

उत्तर: (ग) लगभग 90 प्रतिशत।

प्रश्न 24. रक्त को जमाने में मदद करते हैं—

(क) लाल रक्तकणिकाएँ (ख) थ्रोम्बोसाइट्स (ग) श्वेत रक्तकणिकाएँ (घ) तंत्रिका ऊतक

उत्तर: (ख) थ्रोम्बोसाइट्स अर्थात प्लेटलेट्स।

प्रश्न 25. तंत्रिका ऊतक की इकाई है—

(क) कोशिकाकाय या साइटन (ख) ऐक्सॉन (ग) तंत्रिका कोशिका या न्यूरॉन (घ) डेंड्राइट

उत्तर: (ग) तंत्रिका कोशिका या न्यूरॉन।

प्रश्न 26. संवेदना का चालन शरीर के एक भाग से दूसरे भाग में होता है—

(क) पेशी ऊतक से (ख) तंत्रिका ऊतक से (ग) संयोजी ऊतक से (घ) एपिथीलियमी ऊतक से

उत्तर: (ख) तंत्रिका ऊतक से।

भाग 2 — रिक्त स्थानों की पूर्ति

प्रश्न 1. मृत ऊतक सरल ऊतक का एक प्रकार है। उत्तर: मृत ऊतक।

प्रश्न 2. दृढ़ ऊतक संरक्षण का कार्य करता है। उत्तर: दृढ़।

प्रश्न 3. विभज्योतक की कोशिकाओं में सघन कोशिकाद्रव्य पाया जाता है। उत्तर: सघन कोशिकाद्रव्य।

प्रश्न 4. पौधों के स्थान के आधार पर विभज्योतक ऊतक शीर्षस्थ, पार्श्वस्थ एवं अंतर्वेशी होते हैं। उत्तर: शीर्षस्थ, पार्श्वस्थ एवं अंतर्वेशी।

प्रश्न 5. स्थायी ऊतक सरल एवं जटिल प्रकार के होते हैं। उत्तर: सरल, जटिल।

प्रश्न 6. क्लोरोफिल युक्त मृदूतक को हरित ऊतक कहते हैं। उत्तर: हरित ऊतक।

प्रश्न 7. दृढ़ ऊतक की कोशिकाएँ परिपक्व अवस्था में मृत होती हैं। उत्तर: दृढ़।

प्रश्न 8. रेशेदार पौधों में जाइलम अधिक मात्रा में पाया जाता है। उत्तर: जाइलम।

प्रश्न 9. जाइलम एवं फ्लोएम जटिल ऊतक के उदाहरण हैं। उत्तर: जटिल।

प्रश्न 10. वाहिनिकाएँ एवं वाहिकाएँ जाइलम के तत्व हैं। उत्तर: जाइलम।

प्रश्न 11. एरिओलर ऊतक एक प्रकार का संयोजी ऊतक है। उत्तर: संयोजी।

प्रश्न 12. उपास्थि लचीली होने के कारण जोड़ों को सहारा देती है। उत्तर: उपास्थि।

प्रश्न 13. रक्त एक तरल संयोजी ऊतक है। उत्तर: रक्त।

प्रश्न 14. मांसपेशियों को अस्थि से जोड़ने वाला श्वेत तंतुमय ऊतक टेंडन कहलाता है। उत्तर: टेंडन।

प्रश्न 15. उपास्थि के मैट्रिक्स में पाया जाने वाला प्रमुख प्रोटीन कोलेजन कहलाता है। उत्तर: कोलेजन।

प्रश्न 16. रेखित पेशी ऐच्छिक पेशी कहलाती है। उत्तर: ऐच्छिक।

प्रश्न 17. हृदयपेशी हृदय की दीवार का निर्माण करती है। उत्तर: हृदयपेशी।

प्रश्न 18. न्यूरॉन तंत्रिका ऊतक की इकाई है। उत्तर: न्यूरॉन।

प्रश्न 19. लिगामेंट का निर्माण पीले तंतुमय संयोजी ऊतक से होता है। उत्तर: पीला तंतुमय संयोजी ऊतक।

प्रश्न 20. ऑस्टियोब्लास्ट कोशिकाएँ अस्थि निर्माण में भाग लेती हैं। उत्तर: अस्थि।

भाग 3 — अति लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उत्तर

पुस्तक के प्रश्न 1 से 20

प्रश्न 1. एक पादप ऊतक का नाम बताएँ।

उत्तर: जाइलम एक पादप ऊतक है।

प्रश्न 2. जड़ के शीर्ष पर कौन-सा ऊतक पाया जाता है?

उत्तर: जड़ के शीर्ष पर शीर्षस्थ विभज्योतक ऊतक पाया जाता है।

प्रश्न 3. सरल ऊतक के दो उदाहरण दें।

उत्तर: मृदूतक और स्थूलकोण ऊतक सरल स्थायी ऊतक के उदाहरण हैं।

प्रश्न 4. किस ऊतक की कोशिकाएँ सदा विभाजित होती रहती हैं?

उत्तर: विभज्योतक ऊतक की कोशिकाएँ लगातार विभाजित होती रहती हैं।

प्रश्न 5. विभज्योतकी ऊतक को किस आधार पर विभाजित किया जाता है?

उत्तर: पौधे में स्थिति के आधार पर इसे शीर्षस्थ, अंतर्वेशी और पार्श्व विभज्योतक में बाँटा जाता है।

प्रश्न 6. किस सरल ऊतक में अंतरकोशिकीय स्थान होता है?

उत्तर: मृदूतक में सामान्यतः अंतरकोशिकीय स्थान पाया जाता है।

प्रश्न 7. दो ऊतकों के नाम बताएँ जो पौधों को यांत्रिक सहायता देते हैं।

उत्तर: स्थूलकोण ऊतक और दृढ़ ऊतक।

प्रश्न 8. वैसे मृदूतक को क्या कहते हैं जिसमें क्लोरोफिल पाया जाता है?

उत्तर: क्लोरोफिल युक्त मृदूतक को हरित ऊतक कहते हैं।

प्रश्न 9. किस ऊतक की कोशिकाओं में भित्ति अनियमित ढंग से कोनों पर मोटी होती है?

उत्तर: स्थूलकोण ऊतक की कोशिकाओं में।

प्रश्न 10. नारियल का रेशा किस ऊतक का बना होता है?

उत्तर: नारियल का रेशा दृढ़ ऊतक का बना होता है।

प्रश्न 11. मृत ऊतक की विशेषताएँ एवं कार्य बताएँ।

उत्तर: मृत ऊतक की परिपक्व कोशिकाओं में जीवद्रव्य नहीं होता। इसकी कोशिका-भित्ति मोटी हो सकती है। यह पौधों को मजबूती, सहारा और सुरक्षा प्रदान करता है। उदाहरण—कॉर्क तथा दृढ़ ऊतक की परिपक्व कोशिकाएँ।

प्रश्न 12. दो स्थायी पादप ऊतकों के नाम लिखें।

उत्तर: मृदूतक और स्थूलकोण ऊतक।

प्रश्न 13. जाइलम का निर्माण कितने तत्वों से होता है?

उत्तर: जाइलम चार प्रमुख तत्वों से बना होता है—वाहिनिकाएँ, वाहिकाएँ, जाइलम मृदूतक और जाइलम रेशे।

प्रश्न 14. जाइलम का मुख्य कार्य क्या है?

उत्तर: जाइलम जड़ों से जल और खनिज लवणों को पौधे के अन्य भागों तक पहुँचाता है। यह पौधे को यांत्रिक सहारा भी देता है।

प्रश्न 15. फ्लोएम किन तत्वों से बनता है?

उत्तर: फ्लोएम चालनी नलिकाओं, सहकोशिकाओं, फ्लोएम मृदूतक और फ्लोएम रेशों से बनता है।

प्रश्न 16. किस ऊतक द्वारा पौधों में खाद्य पदार्थों का संवहन होता है?

उत्तर: फ्लोएम द्वारा पौधों में भोजन का संवहन होता है।

प्रश्न 17. किसी दो प्रकार के एपिथीलियमी ऊतक के नाम लिखें।

उत्तर: शल्की उपकला और घनाकार उपकला।

प्रश्न 18. त्वचा की सतह पर किस प्रकार की एपिथीलियम पाई जाती है?

उत्तर: त्वचा की बाहरी सतह पर बहुस्तरीय शल्की उपकला पाई जाती है।

प्रश्न 19. पेशीय ऊतक किस विशेषता से संबंधित है?

उत्तर: पेशीय ऊतक संकुचन और प्रसार की क्षमता के कारण शरीर तथा अंगों में गति उत्पन्न करता है।

प्रश्न 20. संयोजी ऊतक के कोई दो उदाहरण दें।

उत्तर: रक्त और अस्थि।

पुस्तक के प्रश्न 21 से 40

प्रश्न 21. संयोजी ऊतक कितने प्रकार के होते हैं? नाम लिखें।

उत्तर: संयोजी ऊतक के प्रमुख प्रकार हैं—एरिओलर ऊतक, वसा ऊतक, अस्थि, उपास्थि, रक्त, लसीका, टेंडन और लिगामेंट।

प्रश्न 22. एरिओलर ऊतक में पाए जाने वाले दो प्रकार की कोशिकाओं के नाम लिखें।

उत्तर: फाइब्रोब्लास्ट और मैक्रोफेज।

प्रश्न 23. एडिपोज ऊतक में पाए जाने वाला संचित भोज्य पदार्थ क्या है?

उत्तर: वसा।

प्रश्न 24. अस्थियों को मांसपेशियों से जोड़ने वाला ऊतक क्या कहलाता है?

उत्तर: टेंडन।

प्रश्न 25. अस्थियों को अस्थियों से जोड़ने वाला ऊतक क्या कहलाता है?

उत्तर: लिगामेंट।

प्रश्न 26. दो मुख्य प्रकार के कंकाल ऊतक के नाम लिखें।

उत्तर: अस्थि और उपास्थि।

प्रश्न 27. उपास्थि के मैट्रिक्स में पाए जाने वाले जीवद्रव्ययुक्त कोशिकाएँ क्या कहलाती हैं?

उत्तर: उपास्थि कोशिकाएँ या कॉन्ड्रोसाइट्स।

प्रश्न 28. दो प्रकार के तरल संयोजी ऊतक का नाम लिखें।

उत्तर: रक्त और लसीका।

प्रश्न 29. रक्त में पाए जाने वाली तीन प्रकार की कणिकाएँ कौन-कौन सी हैं?

उत्तर: लाल रक्तकणिकाएँ, श्वेत रक्तकणिकाएँ और प्लेटलेट्स।

प्रश्न 30. शारीरिक अंगों में गति किस प्रकार के ऊतक के कारण होती है?

उत्तर: पेशीय ऊतक के कारण।

प्रश्न 31. जंतुओं का मस्तिष्क किस प्रकार के ऊतक का बना होता है?

उत्तर: तंत्रिका ऊतक का।

प्रश्न 32. तंत्रिका ऊतक की इकाई क्या कहलाती है?

उत्तर: न्यूरॉन या तंत्रिका कोशिका।

प्रश्न 33. बहुकोशिकीय जीवों में कार्यों के दक्षतापूर्वक संचालन के लिए क्या व्यवस्था रहती है?

उत्तर: बहुकोशिकीय जीवों में श्रम-विभाजन पाया जाता है। विभिन्न कोशिकाएँ, ऊतक और अंग विशेष कार्य करते हैं।

प्रश्न 34. समान उत्पत्ति तथा समान कार्यों को संपादित करने वाली कोशिकाओं के समूह को क्या कहते हैं?

उत्तर: ऊतक।

प्रश्न 35. तने की चौड़ाई में वृद्धि किन ऊतकों के निर्माण से होती है?

उत्तर: पार्श्व विभज्योतक की सक्रियता से तने की मोटाई या चौड़ाई बढ़ती है।

प्रश्न 36. पत्तियों के आधार पर या टहनियों के पर्व के दोनों ओर पाए जाने वाले ऊतक को क्या कहते हैं?

उत्तर: अंतर्वेशी विभज्योतक।

प्रश्न 37. स्थायी ऊतक का निर्माण किस ऊतक की वृद्धि के फलस्वरूप होता है?

उत्तर: विभज्योतक ऊतक की कोशिकाओं के विभाजन, वृद्धि और विभेदन से स्थायी ऊतक बनते हैं।

प्रश्न 38. सरल स्थायी ऊतक किस प्रकार की कोशिकाओं का बना होता है?

उत्तर: समान प्रकार की कोशिकाओं का, जो सामान्यतः समान कार्य करती हैं।

प्रश्न 39. जलीय पौधों में मुख्यतः किस प्रकार का ऊतक पाया जाता है?

उत्तर: वायु-स्थानयुक्त मृदूतक, जिसे वायूतक कहते हैं, कई जलीय पौधों में पाया जाता है।

प्रश्न 40. किस ऊतक की कोशिकाएँ मृत, लंबी, सँकरी तथा दोनों सिरों पर नुकीली होती हैं?

उत्तर: दृढ़ ऊतक के रेशे।

पुस्तक के प्रश्न 41 से 58

प्रश्न 41. शुष्क स्थानों पर पाए जाने वाले पौधों में एपिडर्मिस की कोशिकाओं के ऊपर किसकी एक परत रहती है?

उत्तर: मोमयुक्त क्यूटिकल की परत।

प्रश्न 42. क्या कॉर्क कोशिकाओं में जीवद्रव्य पाया जाता है?

उत्तर: परिपक्व कॉर्क कोशिकाएँ मृत होती हैं, इसलिए उनमें जीवद्रव्य नहीं पाया जाता।

प्रश्न 43. दो या दो से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से बने ऊतक क्या कहलाते हैं?

उत्तर: जटिल स्थायी ऊतक।

प्रश्न 44. जाइलम एवं फ्लोएम मिलकर किसका निर्माण करते हैं?

उत्तर: संवहन ऊतक तंत्र का।

प्रश्न 45. सहकोशिकाएँ चालनी नलिका के किस भाग में स्थित रहती हैं?

उत्तर: सहकोशिकाएँ चालनी नलिकाओं के साथ लंबाई में लगी रहती हैं और उनके कार्य में सहायता करती हैं।

प्रश्न 46. किस जंतु ऊतक की कोशिकाएँ फर्श या दीवार पर लगी चपटी ईंटों की तरह दिखाई देती हैं?

उत्तर: शल्की उपकला ऊतक की कोशिकाएँ।

प्रश्न 47. किस ऊतक के मुक्त सिरे पर सूक्ष्म रोमाकार संरचनाएँ विद्यमान होती हैं?

उत्तर: पक्ष्माभी उपकला ऊतक में।

प्रश्न 48. छोटी आँत की भीतरी सतह का निर्माण किस ऊतक से होता है?

उत्तर: सरल स्तंभाकार उपकला ऊतक से।

प्रश्न 49. घनाकार कोशिकाओं वाले ऊतक को क्या कहते हैं?

उत्तर: घनाकार उपकला ऊतक।

प्रश्न 50. ऐच्छिक गति में अनुबंध को एक ही दिशा में जाने देने के लिए किस ऊतक की कोशिकाएँ मदद करती हैं?

उत्तर: पेशीय ऊतक की कोशिकाएँ गति उत्पन्न करती हैं; शरीर की ऐच्छिक गतियों में मुख्यतः रेखित पेशियाँ कार्य करती हैं।

प्रश्न 51. पेशी तंतु का निर्माण किस कोशिका द्वारा होता है?

उत्तर: पेशी तंतु पेशी कोशिका से बना होता है।

प्रश्न 52. किस ऊतक में तारे जैसी कोशिकाएँ पाई जाती हैं?

उत्तर: तंत्रिका ऊतक में न्यूरॉन की कोशिकाएँ प्रायः तारे जैसी दिखाई दे सकती हैं।

प्रश्न 53. बाह्यत्वचा में किस प्रकार का ऊतक पाया जाता है?

उत्तर: एपिथीलियमी या उपकला ऊतक।

प्रश्न 54. हैवर्सियन नलिकाएँ कहाँ पाई जाती हैं?

उत्तर: स्तनधारियों की सघन अस्थि में।

प्रश्न 55. आयतन के हिसाब से प्लाज्मा में जल का कितना प्रतिशत भाग है?

उत्तर: लगभग 90–92 प्रतिशत।

प्रश्न 56. किस प्रकार की संयोजी कोशिकाओं में केंद्रक नहीं पाया जाता है?

उत्तर: परिपक्व स्तनधारी लाल रक्तकणिकाओं में केंद्रक नहीं होता है।

प्रश्न 57. लाल रक्तकणिकाओं में पाए जाने वाले प्रोटीन रंजक को क्या कहते हैं?

उत्तर: हीमोग्लोबिन।

प्रश्न 58. एक न्यूरॉन के ऐक्सॉन के अंतिम छोर की शाखाएँ दूसरे न्यूरॉन के डेंड्राइट्स से जुड़कर क्या बनाती हैं?

उत्तर: सिनेप्स या तंत्रिका-संधि।

भाग 4 — लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उत्तर

प्रश्न 1. ऊतक क्या है?

उत्तर: समान उत्पत्ति, समान संरचना तथा समान कार्य करने वाली कोशिकाओं के समूह को ऊतक कहते हैं।

उदाहरण: मृदूतक, रक्त, पेशीय ऊतक और तंत्रिका ऊतक।

प्रश्न 2. बहुकोशिकीय जीवों में ऊतकों की क्या उपयोगिता है?

उत्तर: ऊतक बनने से कोशिकाओं में कार्य-विभाजन होता है। अलग-अलग ऊतक विशेष कार्य करते हैं, जिससे शरीर के कार्य अधिक कुशलता से पूरे होते हैं। उदाहरण के लिए, पेशीय ऊतक गति और तंत्रिका ऊतक संदेशों के संवहन का कार्य करता है।

प्रश्न 3. विभज्योतकी ऊतक एवं स्थायी ऊतक में क्या अंतर है?

उत्तर:

विभज्योतकी ऊतक

स्थायी ऊतक

कोशिकाएँ लगातार विभाजित होती हैं।

कोशिकाएँ सामान्यतः विभाजन की क्षमता खो देती हैं।

कोशिकाएँ छोटी और सक्रिय होती हैं।

कोशिकाएँ आकार एवं संरचना में विकसित होती हैं।

कोशिकाओं में सघन जीवद्रव्य होता है।

कोशिकाओं में बड़ा रिक्त स्थान हो सकता है।

पौधे की वृद्धि करता है।

सुरक्षा, सहारा, संवहन एवं भोजन-संचय जैसे कार्य करता है।

प्रश्न 4. मृत ऊतक कहाँ पाया जाता है?

उत्तर: मृत कोशिकाओं से बने ऊतक पौधों के विभिन्न भागों में पाए जाते हैं। उदाहरण के लिए, नारियल का रेशा दृढ़ ऊतक से बना होता है तथा कॉर्क की परिपक्व कोशिकाएँ मृत होती हैं।

प्रश्न 5. स्थूलकोण ऊतक के कौन-कौन से कार्य हैं?

उत्तर:

  1. पौधे के कोमल भागों को यांत्रिक सहारा देता है।

  2. तने और पत्तियों को लचीलापन प्रदान करता है।

  3. पौधों के अंगों को आसानी से मुड़ने में सहायता करता है।

  4. कुछ स्थितियों में इसकी कोशिकाएँ प्रकाश-संश्लेषण भी कर सकती हैं।

प्रश्न 6. सरल स्थायी ऊतक कितने प्रकार के होते हैं?

उत्तर: सरल स्थायी ऊतक तीन प्रकार के होते हैं—

  1. मृदूतक।

  2. स्थूलकोण ऊतक।

  3. दृढ़ ऊतक।

प्रश्न 7. दृढ़ ऊतक की कोशिकाएँ मृत क्यों कहलाती हैं?

उत्तर: दृढ़ ऊतक की परिपक्व कोशिकाओं में सामान्यतः जीवद्रव्य नहीं रहता। इनकी कोशिका-भित्ति लिग्निन के जमाव से मोटी एवं कठोर हो जाती है। इसलिए ये परिपक्व अवस्था में मृत कहलाती हैं।

प्रश्न 8. पौधों में दृढ़ ऊतक का क्या महत्त्व है?

उत्तर: दृढ़ ऊतक पौधों को मजबूती, कठोरता और यांत्रिक सहारा देता है। यह पौधों के भागों को टूटने और मुड़ने से बचाने में सहायता करता है। नारियल का रेशा इसका उदाहरण है।

प्रश्न 9. कॉर्क कोशिकाओं का निर्माण कब होता है?

उत्तर: जब तना या जड़ मोटी होने लगती है, तब कॉर्क कैम्बियम नामक पार्श्व विभज्योतक की कोशिकाएँ विभाजित होकर कॉर्क बनाती हैं। इसकी बाहरी कोशिकाएँ परिपक्व होने पर मृत हो जाती हैं।

प्रश्न 10. जाइलम एवं फ्लोएम को जटिल ऊतक क्यों कहा जाता है?

उत्तर: जाइलम और फ्लोएम दोनों अनेक प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं। इनकी कोशिकाएँ मिलकर संवहन का कार्य करती हैं, इसलिए इन्हें जटिल स्थायी ऊतक कहा जाता है।

प्रश्न 11. जाइलम के प्रत्येक अवयव का एक-एक कार्य लिखें।

उत्तर:

  • वाहिनिकाएँ: जल एवं खनिजों के संवहन में सहायता करती हैं।

  • वाहिकाएँ: जल और खनिज लवणों के संवहन का प्रमुख कार्य करती हैं।

  • जाइलम मृदूतक: भोजन का संचय तथा पार्श्व संवहन करता है।

  • जाइलम रेशे: पौधे को यांत्रिक मजबूती प्रदान करते हैं।

प्रश्न 12. फ्लोएम के प्रत्येक तत्व का एक-एक कार्य लिखें।

उत्तर:

  • चालनी नलिकाएँ: भोजन के संवहन का मुख्य कार्य करती हैं।

  • सहकोशिकाएँ: चालनी नलिकाओं के कार्य को नियंत्रित करने और भोजन के स्थानांतरण में सहायता करती हैं।

  • फ्लोएम मृदूतक: भोजन का संचय करता है।

  • फ्लोएम रेशे: यांत्रिक मजबूती प्रदान करते हैं।

प्रश्न 13. एपिथीलियमी ऊतक के किन्हीं तीन कार्यों का उल्लेख करें।

उत्तर:

  1. शरीर और अंगों की बाहरी सतह की सुरक्षा करता है।

  2. आंतों में पोषक पदार्थों के अवशोषण में सहायता करता है।

  3. ग्रंथियों द्वारा विभिन्न पदार्थों के स्राव में भाग लेता है।

इसके अतिरिक्त यह उत्सर्जन, छनन और संवेदना जैसे कार्यों में भी सहायता कर सकता है।

प्रश्न 14. संयोजी ऊतक क्या है? इसके कोई दो उदाहरण दें।

उत्तर: वह ऊतक जो शरीर के विभिन्न ऊतकों एवं अंगों को जोड़ने, सहारा देने या उनके बीच पदार्थों के परिवहन में सहायता करता है, संयोजी ऊतक कहलाता है।

उदाहरण: रक्त और अस्थि। टेंडन, लिगामेंट, उपास्थि तथा वसा ऊतक भी इसके उदाहरण हैं।

प्रश्न 15. एरिओलर ऊतक के कार्यों का उल्लेख करें।

उत्तर:

  1. त्वचा को मांसपेशियों से जोड़ने में सहायता करता है।

  2. अंगों के बीच रिक्त स्थान भरता है।

  3. आंतरिक अंगों को सहारा देता है।

  4. ऊतकों की मरम्मत में सहायता करता है।

प्रश्न 16. टेंडन और लिगामेंट में क्या अंतर है?

उत्तर:

टेंडन

लिगामेंट

मांसपेशी को अस्थि से जोड़ता है।

एक अस्थि को दूसरी अस्थि से जोड़ता है।

अपेक्षाकृत कम लचीला होता है।

अपेक्षाकृत अधिक लचीला होता है।

गति के समय मांसपेशी का बल अस्थि तक पहुँचाता है।

जोड़ों को स्थिर रखने में सहायता करता है।

प्रश्न 17. वसामय या एडिपोज ऊतक के किन्हीं चार कार्यों का उल्लेख करें।

उत्तर:

  1. वसा का संचय करता है।

  2. शरीर को ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए वसा का भंडार रखता है।

  3. शरीर की ऊष्मा के ह्रास को कम करता है।

  4. आंतरिक अंगों को झटकों से बचाने में सहायता करता है।

प्रश्न 18. रक्त को तरल संयोजी ऊतक क्यों कहा जाता है?

उत्तर: रक्त का मैट्रिक्स प्लाज्मा नामक तरल पदार्थ होता है। इसमें लाल रक्तकणिकाएँ, श्वेत रक्तकणिकाएँ और प्लेटलेट्स तैरते रहते हैं। रक्त शरीर के विभिन्न भागों के बीच ऑक्सीजन, पोषक पदार्थ, हार्मोन और अपशिष्ट पदार्थों का परिवहन करता है। इसलिए इसे तरल संयोजी ऊतक कहते हैं।

प्रश्न 19. लसीका क्या है?

उत्तर: लसीका एक हल्का पीला या रंगहीन तरल है, जो ऊतकों से निकलकर लसीका वाहिकाओं में प्रवाहित होता है। इसमें मुख्यतः लसीकाणु पाए जाते हैं। यह ऊतक द्रव को रक्त में लौटाने, वसा के अवशोषण तथा शरीर की प्रतिरक्षा में सहायता करता है।

प्रश्न 20. ऐच्छिक और अनैच्छिक पेशियाँ क्या हैं?

उत्तर:

  • ऐच्छिक पेशियाँ: जिनकी गति पर हम अपनी इच्छा से नियंत्रण कर सकते हैं, उन्हें ऐच्छिक पेशियाँ कहते हैं। उदाहरण—बाँहों और पैरों की रेखित पेशियाँ।

  • अनैच्छिक पेशियाँ: जिनकी गति पर हमारा प्रत्यक्ष इच्छानुसार नियंत्रण नहीं होता, उन्हें अनैच्छिक पेशियाँ कहते हैं। उदाहरण—आँतों की चिकनी पेशियाँ।

प्रश्न 21. रेखित पेशी को ऐच्छिक क्यों कहते हैं?

उत्तर: रेखित पेशियाँ सामान्यतः हमारी इच्छा के अनुसार संकुचित और शिथिल हो सकती हैं। इनके संकुचन से चलना, दौड़ना और हाथ उठाना जैसी गतिविधियाँ होती हैं। इसलिए इन्हें ऐच्छिक पेशियाँ कहते हैं।

प्रश्न 22. तंत्रिका ऊतक के मुख्य कार्यों का उल्लेख करें।

उत्तर:

  1. बाहरी एवं आंतरिक उद्दीपनों को ग्रहण करना।

  2. तंत्रिका आवेगों का संवहन करना।

  3. मस्तिष्क, मेरुरज्जु और शरीर के अन्य भागों के बीच संदेश पहुँचाना।

  4. शरीर की विभिन्न क्रियाओं के समन्वय में सहायता करना।

प्रश्न 23. तंत्रिका क्या है?

उत्तर: अनेक तंत्रिका तंतुओं के समूह से बनी संरचना, जो शरीर के विभिन्न भागों और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के बीच संदेश पहुँचाती है, तंत्रिका कहलाती है।

प्रश्न 24. ऐक्सॉन और डेंड्राइट के क्या कार्य हैं?

उत्तर:

  • डेंड्राइट: सामान्यतः अन्य कोशिकाओं से तंत्रिका आवेग ग्रहण करके कोशिकाकाय की ओर ले जाते हैं।

  • ऐक्सॉन: तंत्रिका आवेग को कोशिकाकाय से दूर दूसरी कोशिकाओं या प्रभावकारी अंगों की ओर ले जाता है।

भाग 5 — दीर्घ उत्तरीय प्रश्न एवं उत्तर

प्रश्न 1. पौधों में सरल ऊतक जटिल ऊतक से किस प्रकार भिन्न हैं? उदाहरण सहित लिखें।

उत्तर: पौधों के स्थायी ऊतक मुख्यतः सरल और जटिल दो प्रकार के होते हैं।

सरल ऊतक: ये समान प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं। इनकी कोशिकाएँ सामान्यतः समान प्रकार का कार्य करती हैं।

उदाहरण:

  1. मृदूतक: भोजन का संचय करता है। क्लोरोफिल युक्त होने पर प्रकाश-संश्लेषण भी करता है।

  2. स्थूलकोण ऊतक: कोमल भागों को सहारा एवं लचीलापन देता है।

  3. दृढ़ ऊतक: पौधे को कठोरता और यांत्रिक मजबूती देता है।

जटिल ऊतक: ये विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं, जो मिलकर एक मुख्य कार्य करती हैं।

उदाहरण:

  1. जाइलम: जड़ों से जल एवं खनिज लवणों का संवहन करता है।

  2. फ्लोएम: पत्तियों में बने भोजन को पौधे के विभिन्न भागों तक पहुँचाता है।

मुख्य अंतर: सरल ऊतक में एक ही प्रकार की कोशिकाएँ होती हैं, जबकि जटिल ऊतक में अनेक प्रकार की कोशिकाएँ मिलकर कार्य करती हैं।

प्रश्न 2. स्थिति के आधार पर विभज्योतकी ऊतक के विभिन्न प्रकारों का वर्णन करें।

उत्तर: पौधे में स्थिति के आधार पर विभज्योतकी ऊतक तीन प्रकार के होते हैं।

1. शीर्षस्थ विभज्योतक

यह जड़ और तने के शीर्ष पर पाया जाता है। इसकी कोशिकाएँ लगातार विभाजित होकर पौधे की लंबाई बढ़ाती हैं।

उदाहरण: जड़ का अग्रभाग और तने की कली का शीर्ष।

2. अंतर्वेशी विभज्योतक

यह कुछ पौधों में पर्वों या पर्वसंधियों के निकट पाया जाता है। इसकी सक्रियता से तने या पत्तियों के कुछ भागों की लंबाई बढ़ती है।

उदाहरण: घास के पर्वों के पास का विभज्योतक।

3. पार्श्व विभज्योतक

यह तने और जड़ के पार्श्व भागों में पाया जाता है। यह कोशिका-विभाजन द्वारा मोटाई में वृद्धि करता है।

उदाहरण: संवहनी कैम्बियम और कॉर्क कैम्बियम।

प्रश्न 3. मृदूतक की संरचना एवं कार्यों का वर्णन करें।

उत्तर: मृदूतक एक सरल स्थायी ऊतक है, जो पतली कोशिका-भित्ति वाली जीवित कोशिकाओं से बना होता है। इसकी कोशिकाओं के बीच सामान्यतः अंतरकोशिकीय स्थान पाया जाता है।

संरचना:

  • कोशिकाएँ जीवित होती हैं।

  • कोशिका-भित्ति सामान्यतः पतली होती है।

  • कोशिकाएँ गोल, अंडाकार या बहुभुजी हो सकती हैं।

  • कोशिकाओं में रिक्तिका पाई जाती है।

कार्य:

  1. भोजन का संचय करना।

  2. जल का संचय करना।

  3. क्लोरोफिल होने पर प्रकाश-संश्लेषण करना।

  4. जलीय पौधों में वायु-संचय द्वारा तैरने में सहायता करना।

उदाहरण: आलू का मृदूतक और पत्तियों का हरित मृदूतक।

प्रश्न 4. स्थूलकोण ऊतक एवं दृढ़ ऊतक में अंतर स्पष्ट करें। स्थूलकोण ऊतक के कार्यों का वर्णन करें।

उत्तर:

स्थूलकोण ऊतक

दृढ़ ऊतक

कोशिकाएँ जीवित होती हैं।

परिपक्व कोशिकाएँ सामान्यतः मृत होती हैं।

कोशिका-भित्ति कोनों पर असमान रूप से मोटी होती है।

कोशिका-भित्ति समान रूप से मोटी और प्रायः लिग्निनयुक्त होती है।

पौधे को लचीलापन और सहारा देता है।

पौधे को कठोरता और मजबूती देता है।

तने और पत्तियों के कोमल भागों में पाया जाता है।

नारियल के रेशे और अनेक कठोर भागों में पाया जाता है।

स्थूलकोण ऊतक के कार्य:

  1. कोमल तने को सहारा देता है।

  2. पत्तियों को लचीला बनाता है।

  3. पौधों के अंगों को बिना टूटे मुड़ने में सहायता करता है।

प्रश्न 5. कोशिकाओं के आधार पर पैरेंकाइमा, कॉलेनकाइमा एवं स्क्लेरेनकाइमा के लक्षण एवं कार्यों का विवरण दें।

उत्तर:

1. पैरेंकाइमा या मृदूतक

  • कोशिकाएँ जीवित और पतली भित्ति वाली होती हैं।

  • इनके बीच सामान्यतः अंतरकोशिकीय स्थान रहता है।

  • भोजन तथा जल का संचय करता है।

  • क्लोरोफिल युक्त होने पर प्रकाश-संश्लेषण करता है।

2. कॉलेनकाइमा या स्थूलकोण ऊतक

  • कोशिकाएँ जीवित होती हैं।

  • कोशिका-भित्ति के कोने असमान रूप से मोटे होते हैं।

  • पौधों को लचीलापन और सहारा देता है।

  • तने और पत्तियों के डंठल में पाया जाता है।

3. स्क्लेरेनकाइमा या दृढ़ ऊतक

  • परिपक्व कोशिकाएँ सामान्यतः मृत होती हैं।

  • कोशिका-भित्ति मोटी और लिग्निनयुक्त होती है।

  • पौधे को कठोरता एवं यांत्रिक मजबूती देता है।

  • नारियल का रेशा इसका उदाहरण है।

प्रश्न 6. पौधों के एपिडर्मिस पर पाए जाने वाले रोमों की संरचना तथा कार्यों का विवरण दें।

उत्तर: पौधों की बाहरी सतह पर एपिडर्मिस या बाह्यत्वचा होती है। इसकी कुछ कोशिकाएँ बाल या रोम जैसी संरचनाएँ बनाती हैं।

संरचना: रोम बाह्यत्वचा की कोशिकाओं से निकलने वाली सूक्ष्म संरचनाएँ हैं। जड़ों पर पाए जाने वाले मूलरोम जल और खनिज लवणों के अवशोषण के लिए सतह का क्षेत्रफल बढ़ाते हैं।

कार्य:

  1. जड़ के मूलरोम जल और खनिजों का अवशोषण करते हैं।

  2. कुछ तना-पत्ती रोम सुरक्षा प्रदान करते हैं।

  3. कुछ रोम वाष्पोत्सर्जन तथा ताप के प्रभाव को कम करने में सहायता कर सकते हैं।

प्रश्न 7. कॉर्क कोशिका की रचना एवं कार्यों को स्पष्ट करें।

उत्तर: कॉर्क एक सुरक्षात्मक ऊतक है, जो सामान्यतः पुराने तने और जड़ की बाहरी सतह पर बनता है।

संरचना:

  • कॉर्क कैम्बियम की कोशिकाएँ विभाजित होकर कॉर्क बनाती हैं।

  • इसकी परिपक्व कोशिकाएँ मृत होती हैं।

  • कोशिकाओं की भित्तियों में सुबेरिन जमा होता है।

  • कोशिकाएँ सघन रूप से व्यवस्थित रहती हैं और इनके बीच बहुत कम स्थान होता है।

कार्य:

  1. पौधे को चोट और संक्रमण से बचाता है।

  2. जल की हानि कम करता है।

  3. बाहरी प्रतिकूल परिस्थितियों से सुरक्षा देता है।

प्रश्न 8. जाइलम ऊतक की रचना एवं कार्यों का वर्णन करें।

उत्तर: जाइलम एक जटिल स्थायी संवहन ऊतक है, जो जड़ों से जल और खनिज लवणों को पौधे के ऊपरी भागों तक पहुँचाता है।

इसके चार प्रमुख तत्व हैं:

  1. वाहिनिकाएँ: लंबी कोशिकाएँ, जो जल-संवहन में सहायता करती हैं।

  2. वाहिकाएँ: नलिकाकार संरचनाएँ, जो जल एवं खनिज लवणों का संवहन करती हैं।

  3. जाइलम मृदूतक: भोजन का संचय तथा पार्श्व संवहन करता है।

  4. जाइलम रेशे: पौधे को यांत्रिक सहारा देते हैं।

मुख्य कार्य: जल एवं खनिजों का संवहन और पौधे को मजबूती प्रदान करना।

प्रश्न 9. फ्लोएम ऊतक क्या है? यह कितने प्रकार के होते हैं? इसके कार्यों का वर्णन करें।

उत्तर: फ्लोएम एक जटिल स्थायी ऊतक है, जो पौधों में पत्तियों में बने भोजन को अन्य भागों तक पहुँचाता है।

इसके चार प्रमुख तत्व हैं:

  1. चालनी नलिकाएँ: भोजन का संवहन करती हैं।

  2. सहकोशिकाएँ: चालनी नलिकाओं की क्रियाओं में सहायता करती हैं।

  3. फ्लोएम मृदूतक: भोजन का संचय करता है।

  4. फ्लोएम रेशे: यांत्रिक मजबूती प्रदान करते हैं।

फ्लोएम में भोजन का संवहन आवश्यकता के अनुसार स्रोत से उपयोग या संचय वाले भागों की ओर हो सकता है।

प्रश्न 10. ऊतक क्या है? ऊतक कितने प्रकार के होते हैं? किसी एक का सचित्र वर्णन करें।

उत्तर: समान उत्पत्ति, समान संरचना और समान कार्य करने वाली कोशिकाओं के समूह को ऊतक कहते हैं।

जंतुओं में चार प्रमुख प्रकार के ऊतक होते हैं:

  1. एपिथीलियमी या उपकला ऊतक।

  2. संयोजी ऊतक।

  3. पेशीय ऊतक।

  4. तंत्रिका ऊतक।

पौधों में प्रमुख रूप से विभज्योतक और स्थायी ऊतक पाए जाते हैं। स्थायी ऊतक सरल और जटिल प्रकार के होते हैं।

उदाहरण — तंत्रिका ऊतक: इसकी संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई न्यूरॉन है। न्यूरॉन में कोशिकाकाय, डेंड्राइट और ऐक्सॉन होते हैं। डेंड्राइट संदेश ग्रहण करते हैं तथा ऐक्सॉन संदेश को आगे पहुँचाता है।

प्रश्न 11. एपिथीलियमी ऊतक कहाँ पाया जाता है? इसकी विभिन्नताओं का वर्णन करें।

उत्तर: एपिथीलियमी ऊतक शरीर की बाहरी सतह, आंतरिक अंगों की परतों और अनेक नलिकाओं में पाया जाता है।

इसके प्रमुख प्रकार हैं:

  • शल्की उपकला: पतली, चपटी कोशिकाओं से बनी होती है। उदाहरण—फेफड़ों की वायुकोष्ठिकाएँ।

  • घनाकार उपकला: घन जैसी कोशिकाएँ। उदाहरण—वृक्क की कुछ नलिकाएँ।

  • स्तंभाकार उपकला: लंबी स्तंभ जैसी कोशिकाएँ। उदाहरण—आँत की भीतरी सतह।

  • पक्ष्माभी उपकला: कोशिकाओं की सतह पर सूक्ष्म पक्ष्म होते हैं। उदाहरण—श्वसन नलिका के कुछ भाग।

  • ग्रंथिल उपकला: स्राव करने वाली कोशिकाएँ। उदाहरण—लार ग्रंथियाँ।

  • बहुस्तरीय शल्की उपकला: कई परतों वाली सुरक्षा देने वाली उपकला। उदाहरण—त्वचा की बाहरी परत।

प्रश्न 12. संयोजी ऊतक क्या है? किसी एक प्रकार के संयोजी ऊतक का कार्य सहित वर्णन करें।

उत्तर: जो ऊतक शरीर के विभिन्न अंगों एवं ऊतकों को जोड़ने, सहारा देने, सुरक्षा प्रदान करने या पदार्थों के परिवहन में सहायता करता है, उसे संयोजी ऊतक कहते हैं।

उदाहरण — रक्त:

रक्त एक तरल संयोजी ऊतक है। इसका मैट्रिक्स प्लाज्मा कहलाता है। इसमें लाल रक्तकणिकाएँ, श्वेत रक्तकणिकाएँ और प्लेटलेट्स पाए जाते हैं।

कार्य:

  1. ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन।

  2. पोषक पदार्थों और हार्मोन का परिवहन।

  3. रोगाणुओं से रक्षा।

  4. रक्त का थक्का बनाकर रक्तस्राव कम करना।

  5. शरीर के तापमान के नियंत्रण में सहायता करना।

प्रश्न 13. रक्त की संरचना का वर्णन करें।

उत्तर: रक्त एक तरल संयोजी ऊतक है। इसके दो मुख्य भाग हैं—प्लाज्मा और रक्तकणिकाएँ।

1. प्लाज्मा: रक्त का हल्का पीला तरल भाग है। इसमें मुख्यतः जल, प्रोटीन, लवण, पोषक पदार्थ, हार्मोन तथा अपशिष्ट पदार्थ घुले रहते हैं।

2. लाल रक्तकणिकाएँ: इनमें हीमोग्लोबिन होता है, जो ऑक्सीजन के परिवहन में सहायता करता है।

3. श्वेत रक्तकणिकाएँ: शरीर को रोगाणुओं से बचाती हैं।

4. प्लेटलेट्स: रक्त के थक्के बनने में सहायता करते हैं।

प्रश्न 14. पेशी ऊतक क्या है? अरैखित तथा रेखित पेशी ऊतकों की संरचना एवं कार्यों का वर्णन करें।

उत्तर: पेशीय ऊतक संकुचन और शिथिलन की क्षमता वाला ऊतक है, जो शरीर में गति उत्पन्न करता है।

अरैखित या चिकनी पेशी:

  • कोशिकाएँ धुरी के आकार की होती हैं।

  • प्रत्येक कोशिका में सामान्यतः एक केंद्रक होता है।

  • इनमें स्पष्ट धारियाँ नहीं होतीं।

  • ये अनैच्छिक होती हैं।

  • आँत, आमाशय और रक्तवाहिनियों की दीवारों में पाई जाती हैं।

रेखित पेशी:

  • कोशिकाएँ लंबी और बेलनाकार होती हैं।

  • इनमें हल्की और गहरी धारियाँ दिखाई देती हैं।

  • ये सामान्यतः बहुकेंद्रकीय होती हैं।

  • ये ऐच्छिक होती हैं।

  • हाथ, पैर और शरीर की कई कंकालीय मांसपेशियों में पाई जाती हैं।

प्रश्न 15. रक्त एवं लसीका के कार्यों का वर्णन करें।

उत्तर:

रक्त के कार्य:

  1. ऑक्सीजन, पोषक पदार्थ और हार्मोन का परिवहन।

  2. कार्बन डाइऑक्साइड तथा अपशिष्ट पदार्थों का परिवहन।

  3. रोगाणुओं से शरीर की रक्षा।

  4. प्लेटलेट्स द्वारा रक्त का थक्का बनाने में सहायता।

  5. शरीर के तापमान के नियमन में सहायता।

लसीका के कार्य:

  1. ऊतकों में जमा अतिरिक्त द्रव को रक्त परिसंचरण में वापस पहुँचाना।

  2. छोटी आँत से अवशोषित वसा के परिवहन में सहायता।

  3. लसीकाणुओं के माध्यम से प्रतिरक्षा में सहायता करना।

प्रश्न 16. तंत्रिका ऊतक की इकाई क्या है? इसका स्वच्छ एवं नामांकित चित्र बनाइए। वर्णन की आवश्यकता नहीं है।

उत्तर: तंत्रिका ऊतक की इकाई न्यूरॉन या तंत्रिका कोशिका है।

चित्र बनाते समय इन भागों को नामांकित करें:

  • डेंड्राइट

  • कोशिकाकाय

  • केंद्रक

  • ऐक्सॉन

  • मायलिन आवरण

  • रैनवियर की गाँठ

  • ऐक्सॉन के अंतिम सिरे

प्रश्न 17. न्यूरॉन या तंत्रिका कोशिका की संरचना का चित्र सहित वर्णन करें।

उत्तर: न्यूरॉन तंत्रिका ऊतक की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है। इसका कार्य तंत्रिका आवेगों को ग्रहण करना और उनका संवहन करना है।

इसके तीन प्रमुख भाग हैं:

1. कोशिकाकाय: इसमें केंद्रक और कोशिकाद्रव्य होता है। यह कोशिका की सामान्य क्रियाओं को नियंत्रित करता है।

2. डेंड्राइट: ये छोटी, शाखित संरचनाएँ होती हैं, जो सामान्यतः अन्य कोशिकाओं से संदेश ग्रहण करके कोशिकाकाय की ओर ले जाती हैं।

3. ऐक्सॉन: यह सामान्यतः लंबा तंत्रिका प्रवर्ध होता है, जो आवेग को कोशिकाकाय से दूर ले जाता है। कुछ न्यूरॉनों में ऐक्सॉन पर मायलिन आवरण होता है, जिसके बीच-बीच में रैनवियर की गाँठें होती हैं।

चित्र में नामांकन: डेंड्राइट, कोशिकाकाय, केंद्रक, ऐक्सॉन, मायलिन आवरण, रैनवियर की गाँठ और तंत्रिका सिरा।

परीक्षा के लिए विशेष रूप से याद रखें

ऊतक

मुख्य कार्य

उदाहरण

मृदूतक

भोजन का संचय

आलू

स्थूलकोण ऊतक

लचीलापन एवं सहारा

पत्ती का डंठल

दृढ़ ऊतक

मजबूती

नारियल का रेशा

जाइलम

जल एवं खनिजों का संवहन

पौधे का संवहन तंत्र

फ्लोएम

भोजन का संवहन

पौधे का संवहन तंत्र

उपकला ऊतक

सुरक्षा, अवशोषण, स्राव

त्वचा, आँत

संयोजी ऊतक

जोड़ना, सहारा एवं परिवहन

रक्त, अस्थि

पेशीय ऊतक

गति उत्पन्न करना

हाथ की मांसपेशी

तंत्रिका ऊतक

संदेशों का संवहन

मस्तिष्क, मेरुरज्जु

प्रेम सर | Study Kunji Education & Learning Center

ज्ञान की कुंजी, सफलता की गारंटी।

सिमरी बख्तियारपुर, सहरसा, बिहार संपर्क: 9470710586


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