अध्याय – 1 : कोशिका – जीवन की आधारभूत इकाई
1. जीव विज्ञान (Biology)
परिभाषा:
विज्ञान की वह शाखा जिसमें सभी जीवधारियों तथा उनके जीवन से संबंधित क्रियाओं का अध्ययन किया जाता है, उसे जीव विज्ञान कहते हैं।
विवरण:
Biology शब्द दो ग्रीक शब्दों से बना है—
Bios = जीवन
Logos = अध्ययन
अर्थात जीवों के जीवन का अध्ययन जीव विज्ञान कहलाता है।
उदाहरण:
मनुष्य, पशु, पौधे, बैक्टीरिया आदि।
2. कोशिका (Cell)
परिभाषा:
कोशिका जीवों की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है। सभी जीव कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं।
विवरण:
यह शरीर की सबसे छोटी इकाई होती है जो जीवन की सभी आवश्यक क्रियाएँ करती है। नई कोशिकाएँ पुरानी कोशिकाओं से बनती हैं।
उदाहरण:
अमीबा, बैक्टीरिया, मनुष्य।
3. कोशिकाओं में विविधता
परिभाषा:
कोशिकाओं के आकार, आकृति तथा संख्या में अंतर को कोशिकीय विविधता कहते हैं।
विवरण:
सभी कोशिकाएँ एक जैसी नहीं होती हैं। कुछ गोल, कुछ लंबी तथा कुछ अनियमित आकार की होती हैं।
उदाहरण:
RBC → गोल
तंत्रिका कोशिका → लंबी
अमीबा → अनियमित
4. कोशिका का आकार
परिभाषा:
कोशिकाओं का माप उनके आकार को दर्शाता है।
विवरण:
कुछ कोशिकाएँ बहुत छोटी होती हैं जबकि कुछ बहुत बड़ी होती हैं। उनका आकार उनके कार्य पर निर्भर करता है।
उदाहरण:
सबसे छोटी – माइकोप्लाज्मा
सबसे बड़ी – शुतुरमुर्ग का अंडा
सबसे लंबी – तंत्रिका कोशिका
5. एककोशिकीय जीव
परिभाषा:
वे जीव जिनका शरीर केवल एक कोशिका से बना होता है, एककोशिकीय जीव कहलाते हैं।
विवरण:
इन जीवों में एक ही कोशिका भोजन, श्वसन, उत्सर्जन आदि सभी कार्य करती है।
उदाहरण:
अमीबा, पैरामीशियम, बैक्टीरिया।
6. बहुकोशिकीय जीव
परिभाषा:
वे जीव जिनका शरीर अनेक कोशिकाओं से बना होता है, बहुकोशिकीय जीव कहलाते हैं।
विवरण:
इनमें विभिन्न कोशिकाएँ अलग-अलग कार्य करती हैं। इससे कार्यों का विभाजन हो जाता है।
उदाहरण:
मनुष्य, गाय, पेड़-पौधे।
7. ऊतक (Tissue)
परिभाषा:
समान कार्य करने वाली कोशिकाओं के समूह को ऊतक कहते हैं।
विवरण:
एक जैसे कार्य करने वाली कोशिकाएँ मिलकर ऊतक बनाती हैं।
उदाहरण:
मांसपेशी ऊतक, रक्त ऊतक।
8. अंग (Organ)
परिभाषा:
कई ऊतकों से मिलकर बना शरीर का विशेष भाग अंग कहलाता है।
विवरण:
हर अंग शरीर में एक विशेष कार्य करता है।
उदाहरण:
हृदय, फेफड़ा, पेट।
9. अंग तंत्र (Organ System)
परिभाषा:
जब कई अंग मिलकर एक विशेष कार्य करते हैं तो उसे अंग तंत्र कहते हैं।
उदाहरण:
पाचन तंत्र, श्वसन तंत्र।
10. कोशिका झिल्ली
परिभाषा:
कोशिका की बाहरी पतली परत को कोशिका झिल्ली कहते हैं।
विवरण:
यह कोशिका की सुरक्षा करती है और पदार्थों के अंदर-बाहर जाने को नियंत्रित करती है।
11. कोशिका भित्ति
परिभाषा:
पौधों की कोशिका में कोशिका झिल्ली के बाहर पाई जाने वाली कठोर परत कोशिका भित्ति कहलाती है।
कार्य:
सुरक्षा प्रदान करना
आकार बनाए रखना
12. कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm)
परिभाषा:
कोशिका झिल्ली और केंद्रक के बीच पाया जाने वाला जेली जैसा पदार्थ कोशिकाद्रव्य कहलाता है।
कार्य:
यह कोशिकांगों को स्थान देता है तथा रासायनिक क्रियाएँ करवाता है।
13. केंद्रक (Nucleus)
परिभाषा:
केंद्रक कोशिका का नियंत्रण केंद्र होता है।
विवरण:
यह कोशिका की सभी गतिविधियों को नियंत्रित करता है तथा वंशानुगत गुणों को आगे बढ़ाता है।
14. माइटोकॉन्ड्रिया
परिभाषा:
यह ऊर्जा उत्पन्न करने वाला कोशिकांग है।
विवरण:
यह भोजन से ऊर्जा बनाता है इसलिए इसे कोशिका का Power House कहा जाता है।
15. राइबोसोम
परिभाषा:
राइबोसोम प्रोटीन निर्माण करने वाला कोशिकांग है।
कार्य:
यह शरीर की वृद्धि और मरम्मत में सहायता करता है।
16. एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम
परिभाषा:
यह नलिकाओं का जाल होता है।
कार्य:
पदार्थों का परिवहन करता है।
प्रकार:
Smooth ER
Rough ER
17. गोल्जी उपकरण
परिभाषा:
यह पदार्थों के संग्रह, पैकेजिंग और स्राव का कार्य करता है।
18. लाइसोसोम
परिभाषा:
यह पाचन एंजाइम वाला कोशिकांग है।
विवरण:
यह बेकार पदार्थों को नष्ट करता है। इसे आत्मघाती थैली भी कहते हैं।
19. रिक्तिका
परिभाषा:
कोशिका में पाया जाने वाला खाली स्थान रिक्तिका कहलाता है।
कार्य:
जल और भोजन संग्रह करना।
20. प्लास्टिड
परिभाषा:
यह केवल पादप कोशिकाओं में पाया जाने वाला कोशिकांग है।
उदाहरण:
क्लोरोप्लास्ट।
कार्य:
प्रकाश संश्लेषण करना।
21. गुणसूत्र
परिभाषा:
केंद्रक में पाए जाने वाले धागेनुमा संरचनाएँ गुणसूत्र कहलाती हैं।
कार्य:
वंशानुगत गुणों का स्थानांतरण।
22. DNA
परिभाषा:
DNA आनुवंशिक जानकारी रखने वाला पदार्थ है।
कार्य:
माता-पिता के गुण बच्चों तक पहुँचाना।
23. पादप कोशिका एवं जंतु कोशिका में अंतर
पादप कोशिका:
कोशिका भित्ति होती है
प्लास्टिड होते हैं
बड़ी रिक्तिका होती है
जंतु कोशिका:
कोशिका भित्ति नहीं होती
प्लास्टिड नहीं होते
छोटी रिक्तिका होती है
24. लाइसोसोम (Lysosome)
परिभाषा:
लाइसोसोम कोशिका में पाए जाने वाले छोटे थैलीनुमा कोशिकांग होते हैं जिनमें पाचन एंजाइम पाए जाते हैं।
विवरण:
यह कोशिका के अंदर बेकार पदार्थों, मृत कोशिकाओं तथा बाहरी हानिकारक पदार्थों को नष्ट करता है। यदि कोशिका बहुत क्षतिग्रस्त हो जाए तो यह उसे भी नष्ट कर सकता है।
कार्य:
भोजन का पाचन करना
बेकार पदार्थों को नष्ट करना
मृत कोशिकाओं को हटाना
कोशिका की सफाई करना
उदाहरण:
पुरानी कोशिकाओं को नष्ट करना।
विशेष नाम:
आत्मघाती थैली (Suicidal Bag)
25. माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria)
परिभाषा:
माइटोकॉन्ड्रिया वह कोशिकांग है जो भोजन से ऊर्जा उत्पन्न करता है।
विवरण:
यह कोशिका में श्वसन क्रिया कर ATP ऊर्जा बनाता है। यह ऊर्जा शरीर के सभी कार्यों में उपयोग होती है।
कार्य:
ऊर्जा उत्पादन
ATP निर्माण
श्वसन क्रिया में भाग लेना
उदाहरण:
मांसपेशियों की कोशिकाओं में अधिक पाए जाते हैं।
विशेष नाम:
Power House of Cell
26. प्लास्टिड (Plastid)
परिभाषा:
प्लास्टिड केवल पादप कोशिकाओं में पाए जाने वाले रंगीन या रंगहीन कोशिकांग होते हैं।
प्रकार:
(i) हरितलवक (Chloroplast)
हरे रंग के होते हैं
प्रकाश संश्लेषण करते हैं
उदाहरण: पत्तियाँ
(ii) वर्णलवक (Chromoplast)
फूलों और फलों को रंग प्रदान करते हैं
उदाहरण: गुलाब, आम
(iii) अवर्णलवक (Leucoplast)
भोजन संग्रह करते हैं
उदाहरण: आलू
27. रिक्तिका / रसधानी (Vacuole)
परिभाषा:
कोशिका के अंदर पाई जाने वाली थैलीनुमा संरचना जिसमें जल, भोजन तथा अपशिष्ट पदार्थ संग्रहित रहते हैं।
विवरण:
पादप कोशिका में यह बड़ी होती है जबकि जंतु कोशिका में छोटी होती है।
कार्य:
जल संग्रह करना
भोजन संग्रह करना
अपशिष्ट पदार्थ रखना
उदाहरण:
पौधों की कोशिका
28. सेंट्रोसोम (Centrosome)
परिभाषा:
यह जंतु कोशिकाओं में पाया जाने वाला कोशिकांग है।
विवरण:
यह कोशिका विभाजन के समय स्पिंडल तंतु बनाता है।
कार्य:
कोशिका विभाजन में सहायता
स्पिंडल तंतु बनाना
उदाहरण:
जंतु कोशिका
29. माइक्रोट्यूब्यूल्स (Microtubules)
परिभाषा:
सूक्ष्म नलिकानुमा संरचनाओं को माइक्रोट्यूब्यूल्स कहते हैं।
कार्य:
कोशिका को आकार देना
कोशिका विभाजन में मदद करना
पदार्थों के परिवहन में सहायता करना
30. केंद्रक (Nucleus)
परिभाषा:
केंद्रक कोशिका का नियंत्रण केंद्र होता है।
विवरण:
यह कोशिका की सभी क्रियाओं को नियंत्रित करता है तथा आनुवंशिक गुणों को अगली पीढ़ी तक पहुँचाता है।
कार्य:
कोशिका की गतिविधियों को नियंत्रित करना
कोशिका विभाजन नियंत्रित करना
वंशानुगत गुणों का नियंत्रण
उदाहरण:
पौधों और जंतुओं की कोशिकाएँ
31. केंद्रिका (Nucleolus)
परिभाषा:
केंद्रक के अंदर पाई जाने वाली गोलाकार संरचना को केंद्रिका कहते हैं।
कार्य:
RNA बनाना
राइबोसोम निर्माण में सहायता
32. गुणसूत्र (Chromosome)
परिभाषा:
केंद्रक में पाए जाने वाले धागेनुमा संरचनाओं को गुणसूत्र कहते हैं।
विवरण:
इनमें DNA होता है जो आनुवंशिक जानकारी रखता है।
कार्य:
गुणों का स्थानांतरण
DNA को धारण करना
उदाहरण:
मनुष्य में 46 गुणसूत्र होते हैं।
33. DNA
परिभाषा:
DNA वह आनुवंशिक पदार्थ है जो माता-पिता के गुण बच्चों तक पहुँचाता है।
कार्य:
आनुवंशिक सूचना संग्रह करना
गुणों को नियंत्रित करना
उदाहरण:
बालों का रंग, आँखों का रंग
34. जीन (Gene)
परिभाषा:
DNA का छोटा भाग जीन कहलाता है।
कार्य:
विशेष गुणों को नियंत्रित करना।
उदाहरण:
त्वचा का रंग
35. प्रोकैरियोटिक कोशिका
परिभाषा:
ऐसी कोशिका जिसमें स्पष्ट केंद्रक नहीं होता।
विशेषताएँ:
छोटे आकार की होती है
सरल संरचना होती है
झिल्लीयुक्त कोशिकांग नहीं होते
उदाहरण:
बैक्टीरिया
36. यूकैरियोटिक कोशिका
परिभाषा:
ऐसी कोशिका जिसमें स्पष्ट केंद्रक पाया जाता है।
विशेषताएँ:
बड़ा आकार
जटिल संरचना
कोशिकांग उपस्थित
उदाहरण:
मनुष्य, पौधे
37. विसरण (Diffusion)
परिभाषा:
अधिक सांद्रता वाले क्षेत्र से कम सांद्रता वाले क्षेत्र की ओर कणों का जाना विसरण कहलाता है।
उदाहरण:
इत्र की खुशबू का फैलना।
महत्व:
गैसों का आदान-प्रदान
पदार्थों का परिवहन
38. परासरण (Osmosis)
परिभाषा:
जल का अर्धपारगम्य झिल्ली द्वारा अधिक जल सांद्रता से कम जल सांद्रता की ओर जाना परासरण कहलाता है।
उदाहरण:
किशमिश का पानी में फूलना।
39. अंतःपरासरण (Endosmosis)
परिभाषा:
जब जल कोशिका के अंदर प्रवेश करता है।
उदाहरण:
किशमिश पानी में फूल जाती है।
40. बहिःपरासरण (Exosmosis)
परिभाषा:
जब जल कोशिका से बाहर निकलता है।
उदाहरण:
नमक के घोल में किशमिश सिकुड़ जाती है।
41. विसरण एवं परासरण का महत्व
बिंदु:
गैसों का आदान-प्रदान
पौधों में जल अवशोषण
कोशिका संतुलन बनाए रखना
भोजन पदार्थों के परिवहन में मदद करना

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