Class 9th अध्याय – 1 : कोशिका – जीवन की आधारभूत इकाई



अध्याय – 1 : कोशिका – जीवन की आधारभूत इकाई




1. जीव विज्ञान (Biology)

परिभाषा:

विज्ञान की वह शाखा जिसमें सभी जीवधारियों तथा उनके जीवन से संबंधित क्रियाओं का अध्ययन किया जाता है, उसे जीव विज्ञान कहते हैं।

विवरण:

Biology शब्द दो ग्रीक शब्दों से बना है—

  • Bios = जीवन

  • Logos = अध्ययन

अर्थात जीवों के जीवन का अध्ययन जीव विज्ञान कहलाता है।

उदाहरण:

मनुष्य, पशु, पौधे, बैक्टीरिया आदि।


2. कोशिका (Cell)

परिभाषा:

कोशिका जीवों की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है। सभी जीव कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं।

विवरण:

यह शरीर की सबसे छोटी इकाई होती है जो जीवन की सभी आवश्यक क्रियाएँ करती है। नई कोशिकाएँ पुरानी कोशिकाओं से बनती हैं।

उदाहरण:

अमीबा, बैक्टीरिया, मनुष्य।


3. कोशिकाओं में विविधता

परिभाषा:

कोशिकाओं के आकार, आकृति तथा संख्या में अंतर को कोशिकीय विविधता कहते हैं।

विवरण:

सभी कोशिकाएँ एक जैसी नहीं होती हैं। कुछ गोल, कुछ लंबी तथा कुछ अनियमित आकार की होती हैं।

उदाहरण:

  • RBC → गोल

  • तंत्रिका कोशिका → लंबी

  • अमीबा → अनियमित


4. कोशिका का आकार

परिभाषा:

कोशिकाओं का माप उनके आकार को दर्शाता है।

विवरण:

कुछ कोशिकाएँ बहुत छोटी होती हैं जबकि कुछ बहुत बड़ी होती हैं। उनका आकार उनके कार्य पर निर्भर करता है।

उदाहरण:

  • सबसे छोटी – माइकोप्लाज्मा

  • सबसे बड़ी – शुतुरमुर्ग का अंडा

  • सबसे लंबी – तंत्रिका कोशिका


5. एककोशिकीय जीव

परिभाषा:

वे जीव जिनका शरीर केवल एक कोशिका से बना होता है, एककोशिकीय जीव कहलाते हैं।

विवरण:

इन जीवों में एक ही कोशिका भोजन, श्वसन, उत्सर्जन आदि सभी कार्य करती है।

उदाहरण:

अमीबा, पैरामीशियम, बैक्टीरिया।


6. बहुकोशिकीय जीव

परिभाषा:

वे जीव जिनका शरीर अनेक कोशिकाओं से बना होता है, बहुकोशिकीय जीव कहलाते हैं।

विवरण:

इनमें विभिन्न कोशिकाएँ अलग-अलग कार्य करती हैं। इससे कार्यों का विभाजन हो जाता है।

उदाहरण:

मनुष्य, गाय, पेड़-पौधे।


7. ऊतक (Tissue)

परिभाषा:

समान कार्य करने वाली कोशिकाओं के समूह को ऊतक कहते हैं।

विवरण:

एक जैसे कार्य करने वाली कोशिकाएँ मिलकर ऊतक बनाती हैं।

उदाहरण:

मांसपेशी ऊतक, रक्त ऊतक।


8. अंग (Organ)

परिभाषा:

कई ऊतकों से मिलकर बना शरीर का विशेष भाग अंग कहलाता है।

विवरण:

हर अंग शरीर में एक विशेष कार्य करता है।

उदाहरण:

हृदय, फेफड़ा, पेट।


9. अंग तंत्र (Organ System)

परिभाषा:

जब कई अंग मिलकर एक विशेष कार्य करते हैं तो उसे अंग तंत्र कहते हैं।

उदाहरण:

पाचन तंत्र, श्वसन तंत्र।


10. कोशिका झिल्ली

परिभाषा:

कोशिका की बाहरी पतली परत को कोशिका झिल्ली कहते हैं।

विवरण:

यह कोशिका की सुरक्षा करती है और पदार्थों के अंदर-बाहर जाने को नियंत्रित करती है।


11. कोशिका भित्ति

परिभाषा:

पौधों की कोशिका में कोशिका झिल्ली के बाहर पाई जाने वाली कठोर परत कोशिका भित्ति कहलाती है।

कार्य:

  • सुरक्षा प्रदान करना

  • आकार बनाए रखना


12. कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm)

परिभाषा:

कोशिका झिल्ली और केंद्रक के बीच पाया जाने वाला जेली जैसा पदार्थ कोशिकाद्रव्य कहलाता है।

कार्य:

यह कोशिकांगों को स्थान देता है तथा रासायनिक क्रियाएँ करवाता है।


13. केंद्रक (Nucleus)

परिभाषा:

केंद्रक कोशिका का नियंत्रण केंद्र होता है।

विवरण:

यह कोशिका की सभी गतिविधियों को नियंत्रित करता है तथा वंशानुगत गुणों को आगे बढ़ाता है।


14. माइटोकॉन्ड्रिया

परिभाषा:

यह ऊर्जा उत्पन्न करने वाला कोशिकांग है।

विवरण:

यह भोजन से ऊर्जा बनाता है इसलिए इसे कोशिका का Power House कहा जाता है।


15. राइबोसोम

परिभाषा:

राइबोसोम प्रोटीन निर्माण करने वाला कोशिकांग है।

कार्य:

यह शरीर की वृद्धि और मरम्मत में सहायता करता है।


16. एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम

परिभाषा:

यह नलिकाओं का जाल होता है।

कार्य:

पदार्थों का परिवहन करता है।

प्रकार:

  • Smooth ER

  • Rough ER


17. गोल्जी उपकरण

परिभाषा:

यह पदार्थों के संग्रह, पैकेजिंग और स्राव का कार्य करता है।


18. लाइसोसोम

परिभाषा:

यह पाचन एंजाइम वाला कोशिकांग है।

विवरण:

यह बेकार पदार्थों को नष्ट करता है। इसे आत्मघाती थैली भी कहते हैं।


19. रिक्तिका

परिभाषा:

कोशिका में पाया जाने वाला खाली स्थान रिक्तिका कहलाता है।

कार्य:

जल और भोजन संग्रह करना।


20. प्लास्टिड

परिभाषा:

यह केवल पादप कोशिकाओं में पाया जाने वाला कोशिकांग है।

उदाहरण:

क्लोरोप्लास्ट।

कार्य:

प्रकाश संश्लेषण करना।


21. गुणसूत्र

परिभाषा:

केंद्रक में पाए जाने वाले धागेनुमा संरचनाएँ गुणसूत्र कहलाती हैं।

कार्य:

वंशानुगत गुणों का स्थानांतरण।


22. DNA

परिभाषा:

DNA आनुवंशिक जानकारी रखने वाला पदार्थ है।

कार्य:

माता-पिता के गुण बच्चों तक पहुँचाना।


23. पादप कोशिका एवं जंतु कोशिका में अंतर

पादप कोशिका:

  • कोशिका भित्ति होती है

  • प्लास्टिड होते हैं

  • बड़ी रिक्तिका होती है

जंतु कोशिका:

  • कोशिका भित्ति नहीं होती

  • प्लास्टिड नहीं होते

  • छोटी रिक्तिका होती है



24. लाइसोसोम (Lysosome)

परिभाषा:

लाइसोसोम कोशिका में पाए जाने वाले छोटे थैलीनुमा कोशिकांग होते हैं जिनमें पाचन एंजाइम पाए जाते हैं।

विवरण:

यह कोशिका के अंदर बेकार पदार्थों, मृत कोशिकाओं तथा बाहरी हानिकारक पदार्थों को नष्ट करता है। यदि कोशिका बहुत क्षतिग्रस्त हो जाए तो यह उसे भी नष्ट कर सकता है।

कार्य:

  1. भोजन का पाचन करना

  2. बेकार पदार्थों को नष्ट करना

  3. मृत कोशिकाओं को हटाना

  4. कोशिका की सफाई करना

उदाहरण:

पुरानी कोशिकाओं को नष्ट करना।

विशेष नाम:

आत्मघाती थैली (Suicidal Bag)


25. माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria)

परिभाषा:

माइटोकॉन्ड्रिया वह कोशिकांग है जो भोजन से ऊर्जा उत्पन्न करता है।

विवरण:

यह कोशिका में श्वसन क्रिया कर ATP ऊर्जा बनाता है। यह ऊर्जा शरीर के सभी कार्यों में उपयोग होती है।

कार्य:

  1. ऊर्जा उत्पादन

  2. ATP निर्माण

  3. श्वसन क्रिया में भाग लेना

उदाहरण:

मांसपेशियों की कोशिकाओं में अधिक पाए जाते हैं।

विशेष नाम:

Power House of Cell


26. प्लास्टिड (Plastid)

परिभाषा:

प्लास्टिड केवल पादप कोशिकाओं में पाए जाने वाले रंगीन या रंगहीन कोशिकांग होते हैं।

प्रकार:

(i) हरितलवक (Chloroplast)

  • हरे रंग के होते हैं

  • प्रकाश संश्लेषण करते हैं

उदाहरण: पत्तियाँ


(ii) वर्णलवक (Chromoplast)

  • फूलों और फलों को रंग प्रदान करते हैं

उदाहरण: गुलाब, आम


(iii) अवर्णलवक (Leucoplast)

  • भोजन संग्रह करते हैं

उदाहरण: आलू


27. रिक्तिका / रसधानी (Vacuole)

परिभाषा:

कोशिका के अंदर पाई जाने वाली थैलीनुमा संरचना जिसमें जल, भोजन तथा अपशिष्ट पदार्थ संग्रहित रहते हैं।

विवरण:

पादप कोशिका में यह बड़ी होती है जबकि जंतु कोशिका में छोटी होती है।

कार्य:

  1. जल संग्रह करना

  2. भोजन संग्रह करना

  3. अपशिष्ट पदार्थ रखना

उदाहरण:

पौधों की कोशिका


28. सेंट्रोसोम (Centrosome)

परिभाषा:

यह जंतु कोशिकाओं में पाया जाने वाला कोशिकांग है।

विवरण:

यह कोशिका विभाजन के समय स्पिंडल तंतु बनाता है।

कार्य:

  1. कोशिका विभाजन में सहायता

  2. स्पिंडल तंतु बनाना

उदाहरण:

जंतु कोशिका


29. माइक्रोट्यूब्यूल्स (Microtubules)

परिभाषा:

सूक्ष्म नलिकानुमा संरचनाओं को माइक्रोट्यूब्यूल्स कहते हैं।

कार्य:

  1. कोशिका को आकार देना

  2. कोशिका विभाजन में मदद करना

  3. पदार्थों के परिवहन में सहायता करना


30. केंद्रक (Nucleus)

परिभाषा:

केंद्रक कोशिका का नियंत्रण केंद्र होता है।

विवरण:

यह कोशिका की सभी क्रियाओं को नियंत्रित करता है तथा आनुवंशिक गुणों को अगली पीढ़ी तक पहुँचाता है।

कार्य:

  1. कोशिका की गतिविधियों को नियंत्रित करना

  2. कोशिका विभाजन नियंत्रित करना

  3. वंशानुगत गुणों का नियंत्रण

उदाहरण:

पौधों और जंतुओं की कोशिकाएँ


31. केंद्रिका (Nucleolus)

परिभाषा:

केंद्रक के अंदर पाई जाने वाली गोलाकार संरचना को केंद्रिका कहते हैं।

कार्य:

  1. RNA बनाना

  2. राइबोसोम निर्माण में सहायता


32. गुणसूत्र (Chromosome)

परिभाषा:

केंद्रक में पाए जाने वाले धागेनुमा संरचनाओं को गुणसूत्र कहते हैं।

विवरण:

इनमें DNA होता है जो आनुवंशिक जानकारी रखता है।

कार्य:

  1. गुणों का स्थानांतरण

  2. DNA को धारण करना

उदाहरण:

मनुष्य में 46 गुणसूत्र होते हैं।


33. DNA

परिभाषा:

DNA वह आनुवंशिक पदार्थ है जो माता-पिता के गुण बच्चों तक पहुँचाता है।

कार्य:

  1. आनुवंशिक सूचना संग्रह करना

  2. गुणों को नियंत्रित करना

उदाहरण:

बालों का रंग, आँखों का रंग


34. जीन (Gene)

परिभाषा:

DNA का छोटा भाग जीन कहलाता है।

कार्य:

विशेष गुणों को नियंत्रित करना।

उदाहरण:

त्वचा का रंग


35. प्रोकैरियोटिक कोशिका

परिभाषा:

ऐसी कोशिका जिसमें स्पष्ट केंद्रक नहीं होता।

विशेषताएँ:

  1. छोटे आकार की होती है

  2. सरल संरचना होती है

  3. झिल्लीयुक्त कोशिकांग नहीं होते

उदाहरण:

बैक्टीरिया


36. यूकैरियोटिक कोशिका

परिभाषा:

ऐसी कोशिका जिसमें स्पष्ट केंद्रक पाया जाता है।

विशेषताएँ:

  1. बड़ा आकार

  2. जटिल संरचना

  3. कोशिकांग उपस्थित

उदाहरण:

मनुष्य, पौधे


37. विसरण (Diffusion)

परिभाषा:

अधिक सांद्रता वाले क्षेत्र से कम सांद्रता वाले क्षेत्र की ओर कणों का जाना विसरण कहलाता है।

उदाहरण:

इत्र की खुशबू का फैलना।

महत्व:

  1. गैसों का आदान-प्रदान

  2. पदार्थों का परिवहन


38. परासरण (Osmosis)

परिभाषा:

जल का अर्धपारगम्य झिल्ली द्वारा अधिक जल सांद्रता से कम जल सांद्रता की ओर जाना परासरण कहलाता है।

उदाहरण:

किशमिश का पानी में फूलना।


39. अंतःपरासरण (Endosmosis)

परिभाषा:

जब जल कोशिका के अंदर प्रवेश करता है।

उदाहरण:

किशमिश पानी में फूल जाती है।


40. बहिःपरासरण (Exosmosis)

परिभाषा:

जब जल कोशिका से बाहर निकलता है।

उदाहरण:

नमक के घोल में किशमिश सिकुड़ जाती है।


41. विसरण एवं परासरण का महत्व

बिंदु:

  1. गैसों का आदान-प्रदान

  2. पौधों में जल अवशोषण

  3. कोशिका संतुलन बनाए रखना

  4. भोजन पदार्थों के परिवहन में मदद करना



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