1. हिन्दी व्याकरण


1. हिन्दी व्याकरण

प्रश्न 1. भाषा किसे कहते हैं? इसके कितने भेद हैं?

उत्तर:
जिसके द्वारा मनुष्य अपने मन के भावों को लिखकर या बोलकर एक-दूसरे पर प्रकट करता है, उसे हम भाषा कहते हैं।

इसके दो भेद हैं—

(i) लिखित भाषा

जिस भाषा को हम लिखकर एक-दूसरे पर प्रकट करते हैं, उसे लिखित भाषा कहते हैं।

(ii) मौखिक भाषा

जिस भाषा को हम बोलकर एक-दूसरे पर प्रकट करते हैं, उसे मौखिक भाषा कहते हैं।


प्रश्न 2. व्याकरण किसे कहते हैं? इसके कितने भेद हैं?

उत्तर:
जिस शास्त्र को पढ़ने से मनुष्य शुद्ध-शुद्ध बोलना और लिखने  का ज्ञान प्राप्त करता है, उसे हम व्याकरण कहते हैं।

इसके पाँच भेद हैं—

(i) वर्ण-विचार
(ii) शब्द-विचार
(iii) वाक्य-विचार
(iv) चिन्ह-विचार
(v) छन्द-विचार


1. वर्ण-विचार

उत्तर:
वर्ण-विचार व्याकरण का वह विभाग है जिसमें वर्णों, वर्णों के उच्चारण तथा भेद आदि के नियमों का वर्णन हो, उसे हम वर्ण-विचार कहते हैं।


2. वर्ण

प्रश्न 1. वर्ण किसे कहते हैं? इसके कितने भेद हैं?

उत्तर:
वर्ण उस मूल ध्वनि को कहते हैं, जिसका खण्ड या टुकड़ा नहीं किया जा सके, उसे वर्ण कहते हैं।

जैसे— अ, आ, क, ख

इसके दो भेद हैं—

वर्ण के दो भेद हैं :

  1. स्वर वर्ण
  2. व्यंजन वर्ण

1. स्वर वर्ण

जो अक्षर बिना किसी दूसरे अक्षर की सहायता के स्वयं बोले जाते हैं, उन्हें स्वर वर्ण कहते हैं।

जैसे—
अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ।


2. व्यंजन वर्ण

जो अक्षर स्वर की सहायता से बोले जाते हैं, उन्हें व्यंजन वर्ण कहा जाता है।

जैसे—
क, च, ट, त, प, फ, ब, य, ह आदि।

कभी-कभी व्यंजन भी बिना स्वर की सहायता से बोले जाते हैं। इस प्रकार के व्यंजनों को हलन्त कहा जाता है।

जैसे—
म्, प्, ट्, द् आदि।


प्रश्न 2. उच्चारण के विचार से स्वर वर्ण कितने हैं?

उत्तर:
उच्चारण के विचार से स्वर वर्ण तीन हैं—

  1. ह्रस्व स्वर

  2. दीर्घ स्वर

  3. प्लुत स्वर

(i) ह्रस्व स्वर

जिन स्वरों के उच्चारण के समय में एक मात्रा का समय लगे तथा जिनका उच्चारण हल्का हो, उसे हम ह्रस्व कहते हैं।

जैसे— अ, इ, उ

(ii) दीर्घ स्वर

जिन स्वरों के उच्चारण में दो मात्रा का समय लगे, उन्हें दीर्घ स्वर कहते हैं।

जैसे— आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ

(iii) प्लुत स्वर

जिन स्वरों के उच्चारण में तीन मात्रा का समय लगे, उसे हम प्लुत स्वर कहते हैं।

जैसे— हे राम, हे कृष्ण


प्रश्न 3. संयुक्त स्वर किसे कहते हैं?

उत्तर:
जो स्वर दो स्वर वर्णों के मिलने से बनते हैं, उसे हम संयुक्त स्वर कहते हैं।

जैसे—

अ + इ = ए
आ + इ = ऐ
अ + उ = ओ
अ + औ = औ
अ + अं = अं
अ + अः = अः


2. व्यंजन

प्रश्न 1. व्यंजन वर्ण किसे कहते हैं? इसे कितने वर्गों में बाँटा गया है?

उत्तर:
जो वर्ण स्वर वर्णों की सहायता से बोला जाए, उसे हम व्यंजन वर्ण कहते हैं।

इसे सात वर्गों में बाँटा गया है—

  1. क वर्ग — क, ख, ग, घ, ङ

  2. च वर्ग — च, छ, ज, झ, ञ

  3. ट वर्ग — ट, ठ, ड, ढ, ण

  4. त वर्ग — त, थ, द, ध, न

  5. प वर्ग — प, फ, ब, भ, म

  6. अन्तःस्थ वर्ण — य, र, ल, व

  7. ऊष्म वर्ण — श, ष, स, ह


प्रश्न 2. अल्पप्राण किसे कहते हैं?

उत्तर:
जिन व्यंजनों के उच्चारण में वायु की गति धीमी रहे, उसे हम अल्पप्राण कहते हैं।

जैसे— क, ग, च, ज, ट आदि।


प्रश्न 3. महाप्राण किसे कहते हैं?

उत्तर:
जिन वर्णों के उच्चारण में वायु की गति तीव्र निकलती है, उन्हें महाप्राण कहते हैं।

जैसे— ख, घ, छ, झ, ठ, ढ, थ, ध, फ, भ आदि।


प्रश्न 4. वर्णमाला

उत्तर:
वर्णों के समूह को हम वर्णमाला कहते हैं। हिन्दी में इसे देवनागरी कहते हैं। इसके 41 वर्ण हैं।


2. शब्द-विचार

(आपकी अगली कॉपी का पेज भेज दीजिए, मैं उसी के अनुसार शुद्ध रूप में लिख दूँगा।)






वर्ण के दो भेद हैं :

  1. स्वर वर्ण

  2. व्यंजन वर्ण


1. स्वर वर्ण

जो अक्षर बिना किसी दूसरे अक्षर की सहायता के स्वयं बोले जाते हैं, उन्हें स्वर वर्ण कहते हैं।

जैसे—
अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ।


2. व्यंजन वर्ण

जो अक्षर स्वर की सहायता से बोले जाते हैं, उन्हें व्यंजन वर्ण कहा जाता है।

जैसे—
क, च, ट, त, प, फ, ब, य, ह आदि।

कभी-कभी व्यंजन भी बिना स्वर की सहायता से बोले जाते हैं। इस प्रकार के व्यंजनों को हलन्त कहा जाता है।

जैसे—
म्, प्, ट्, द् आदि।


1. स्वर

अलग-अलग स्वर वर्णों के उच्चारण में अलग-अलग समय लगता है। कुछ स्वरों का उच्चारण कम समय में होता है, कुछ का अधिक समय में। इसी आधार पर स्वर तीन प्रकार के होते हैं—

  1. ह्रस्व स्वर

  2. दीर्घ स्वर

  3. प्लुत स्वर

(i) ह्रस्व स्वर

जिन स्वरों के उच्चारण में कम समय लगता है, उन्हें ह्रस्व स्वर कहते हैं।

जैसे—
अ, इ, उ, ऋ

(ii) दीर्घ स्वर

जिन स्वरों के उच्चारण में अधिक समय लगता है, उन्हें दीर्घ स्वर कहते हैं।

जैसे—
आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ

(iii) प्लुत स्वर

जिन स्वरों के उच्चारण में तीन मात्रा का समय लगता है, उन्हें प्लुत स्वर कहते हैं।

जैसे—
हे राम!, हे कृष्ण!


संयुक्त स्वर किसे कहते हैं?

जो स्वर दो स्वर वर्णों के मिलने से बनते हैं, उन्हें संयुक्त स्वर कहते हैं।

जैसे—

  • अ + इ = ए

  • आ + इ = ऐ

  • अ + उ = ओ

  • अ + ऊ = औ

  • अ + अं = अं

  • अ + अः = अः

शुद्ध एवं साफ़ लिखावट के अनुसार तैयार।

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