पाठ – कहानी का प्लॉट (यशपाल) 9th

 

पाठ – कहानी का प्लॉट (यशपाल)


पाठ – कहानी का प्लॉट (यशपाल)

महत्वपूर्ण 10 प्रश्न एवं उत्तर (Exam Important)

1. 'कहानी का प्लॉट' का मुख्य विषय क्या है?

उत्तर: इस कहानी का मुख्य विषय गरीबी, दहेज प्रथा, सामाजिक असमानता और मानवीय संवेदना है।


2. कहानी का मुख्य पात्र कौन है?

उत्तर: कहानी की मुख्य पात्र भगजोगनी है।


3. भगजोगनी का स्वभाव कैसा था?

उत्तर: भगजोगनी सुंदर, सरल, संस्कारी, मेहनती और सहनशील लड़की थी।


4. मुंशीजी किस कारण सबसे अधिक चिंतित रहते थे?

उत्तर: मुंशीजी अपनी बेटी भगजोगनी के विवाह और अपनी गरीबी के कारण सबसे अधिक चिंतित रहते थे।


5. कहानी में दहेज प्रथा का क्या प्रभाव दिखाया गया है?

उत्तर: दहेज प्रथा के कारण गरीब परिवारों की बेटियों का विवाह कठिन हो जाता है और उन्हें अनेक कष्ट झेलने पड़ते हैं।


6. लेखक ने समाज की किस बुराई की आलोचना की है?

उत्तर: लेखक ने दहेज प्रथा, अमीर-गरीब का भेदभाव, गरीबी और सामाजिक कुरीतियों की आलोचना की है।


7. कथावाचक ने मुंशीजी की कैसे सहायता की?

उत्तर: कथावाचक ने प्रयास करके भगजोगनी का विवाह एक योग्य युवक से कराया।


8. कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है?

उत्तर: हमें दहेज प्रथा का विरोध करना चाहिए तथा गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता करनी चाहिए।


9. भगजोगनी के जीवन में सबसे बड़ा संघर्ष क्या था?

उत्तर: उसका सबसे बड़ा संघर्ष गरीबी और दहेज के कारण विवाह में आने वाली कठिनाइयाँ थीं।


10. 'कहानी का प्लॉट' शीर्षक की सार्थकता लिखिए।

उत्तर: इस कहानी में एक गरीब परिवार के जीवन, संघर्ष, दहेज की समस्या और सामाजिक कुरीतियों का यथार्थ चित्रण किया गया है। इसलिए "कहानी का प्लॉट" शीर्षक पूरी तरह सार्थक है।


अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर

1. लेखक ने ऐसा क्यों कहा है कि कहानी लिखने योग्य प्रतिभा भी पुरुषों में नहीं है, जबकि यह कहानी श्रेष्ठ कहानियों में एक है?

उत्तर: लेखक का आशय यह है कि पुरुष लेखक स्त्रियों के मन के दुःख, पीड़ा और संघर्ष को पूरी गहराई से व्यक्त नहीं कर पाते। इसलिए उन्होंने विनम्रता से ऐसा कहा है। फिर भी यह कहानी अपनी संवेदनशीलता और यथार्थ चित्रण के कारण श्रेष्ठ कहानियों में गिनी जाती है।


2. लेखक ने भगजोगनी नाम ही क्यों रखा?

उत्तर: 'भगजोगनी' नाम विडंबना (व्यंग्य) को प्रकट करता है। नाम से वह भाग्यशाली लगती है, लेकिन वास्तव में उसका जीवन गरीबी, दुःख और संघर्ष से भरा हुआ है।


3. मुंशीजी के बड़े भाई क्या थे?

उत्तर: मुंशीजी के बड़े भाई पुलिस विभाग में दारोगा (थानेदार) थे।


4. दारोगाजी की तरक्की रुकने की क्या वजह थी?

उत्तर: दारोगाजी ईमानदार अधिकारी थे। वे रिश्वत नहीं लेते थे, इसलिए उनकी तरक्की रुक गई।


5. मुंशीजी अपने बड़े भाई से कैसे उखड़ गए?

उत्तर: बड़े भाई की मृत्यु के बाद मुंशीजी आर्थिक रूप से कमजोर हो गए और परिवार का सहारा छिन गया। इसी कारण वे अपने बड़े भाई से अलग और असहाय हो गए।


6. "थानेदारी की कमाई और फूस का तापना दोनों बराबर हैं।" लेखक ने ऐसा क्यों कहा है?

उत्तर: लेखक का अर्थ है कि अनुचित कमाई स्थायी नहीं होती। जैसे फूस की आग जल्दी बुझ जाती है, वैसे ही गलत तरीके से कमाया गया धन भी टिकता नहीं है।


7. "मेरी लेखनी में इतना जोर नहीं।" लेखक ऐसा क्यों कहता है?

उत्तर: लेखक का कहना है कि भगजोगनी की गरीबी, दुःख और सुंदरता का मार्मिक चित्रण शब्दों में पूरी तरह करना कठिन है। इसलिए वे अपनी लेखनी को असमर्थ बताते हैं।


8. भगजोगनी का सौंदर्य क्यों नहीं खिल सका?

उत्तर: गरीबी, कुपोषण, अभाव, चिंता और कठिन जीवन के कारण भगजोगनी का प्राकृतिक सौंदर्य विकसित नहीं हो सका।


9. मुंशीजी गले में फाँसी लगाकर क्यों मरना चाहते थे?

उत्तर: अपनी बेटी की शादी न करा पाने, गरीबी, दहेज की समस्या और समाज के तानों से परेशान होकर मुंशीजी निराश हो गए थे। इसलिए वे जीवन समाप्त करने की बात सोचने लगे।


10. भगजोगनी का दूसरा वर्तमान नवयुवक पति उसका सौतेला बेटा है—यह घटना समाज की किस बुराई की ओर संकेत करती है और क्यों?

उत्तर: यह घटना दहेज प्रथा, गरीबी, अनमेल विवाह और सामाजिक असमानता जैसी बुराइयों की ओर संकेत करती है। इन कुरीतियों के कारण लोगों को मजबूरी में ऐसे विवाह करने पड़ते हैं।


11. इस कहानी का सारांश अपने शब्दों में लिखें।

उत्तर:
यह कहानी एक गरीब परिवार की मार्मिक कथा है। मुंशीजी अपनी सुंदर और गुणवान बेटी भगजोगनी की शादी दहेज और गरीबी के कारण नहीं करा पाते। समाज उनका मजाक उड़ाता है। कथावाचक उनकी मदद करता है और भगजोगनी का विवाह करा देता है। बाद में उसका पहला पति मर जाता है, फिर उसका दूसरा विवाह होता है और वह सुखी जीवन जीने लगती है। कहानी दहेज प्रथा, गरीबी और सामाजिक भेदभाव का विरोध करती है तथा मानवता और सहानुभूति का संदेश देती है।

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